हिंदी भाषा में रचा साहित्य प्रेरणास्रोत
भास्कर न्यूज | गुरदासपु/ दीनानगर
गुरदासपुरकेश्रीमती धनदेवी डीएवी सीनियर सैकंडरी स्कूल में प्रिंसिपल रमिंदर बावा की अध्यक्षता में हिंदी दिवस मनाया गया। स्कूल के विद्यार्थियों ने समूह गायन पेश किया और दोहों से अपने मनोभाव प्रस्तुत किए। प्रिंसिपल रमिंदर बावा ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है, राष्ट्रभाषा की तरक्की में ही राष्ट्र की तरक्की होती है। क्योंकि भाषा के माध्यम से ही साहित्य को समझा जा सकता है। साहित्य ही समाज का दर्पण होता है। पूरे भारत को एक सूत्र मे पिरोने वाली भाषा हिंदी ही है। उन्होंने बोलचाल में और अन्य कामों में हिंदी को तरजीह देने पर बल दिया। अंत में हिंदी के सभी अध्यापकों ने सभी का धन्यवाद किया। इस मौके पर स्वाति, रिदिमा, अनु, रिजा और दिव्या ग्रोवर को इनाम देकर सम्मानित किया गया।
उधर, दीनानगर के एसएस डीएवी सीनियर सैकंडरी स्कूल में हिंदी दिवस पर स्कूल प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरविंद मेहता की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रिंसिपल कमलेश शर्मा ने हिंदी भाषा के संदर्भ में विचार रखते हुए कहा कि हिंदी एक समृद्ध भाषा है। इसका गौरवमयी इतिहास है। इस भाषा में रचा हुए साहित्य आज भी हम सब के लिए प्रेरणास्रोत है। मैडम शांता डोगरा ने हिंदी के गौरवमयी इतिहास से बच्चों को अवगत करवाया। हिंदी अध्यापिका अंजना ने हिंदी भाषा का महत्व बताते हुए कहा कि हिंदी राष्ट्र को जोड़ने वाली भाषा है। अगर हम हिंदी भाषा को दिल से अपनाएंगे तभी इसे सम्मानित दर्जा दे पाएंगे। स्कूल के बच्चों ने भी हिंदी भाषा के विषय में अपने विचार रखे। इस मौके पर विजय हरचंद, सविता शर्मा, दमन पुरी, मनजीत, सुषमा, मीनू, रजनी, वंदना, दीपक महाजन आदि मौजूद थे।
एसएस डीएवी सीनियर सैकंडरी स्कूल की प्रिंसिपल कमलेश शर्मा ने बच्चों को हिंदी भाषा का महत्व बताया।
श्रीमती धनदेवी डीएवी सीनियर सैकंडरी स्कूल में हिंदी दिवस मनाते प्रिंसिपल रमिंदर बावा, अध्यापक और छात्र।