दीनानगर- पठानकोट पर सबसे ज्यादा बोझ
दीनानगर- पठानकोट पर सबसे ज्यादा बोझ
टोलप्लाजा से सबसे ज्यादा आर्थिक बोझ दीनानगर और पठानकोट के लोगों को उठाना पड़ रहा है। दोनों शहरों से रोजाना सैकड़ों लोग इधर-उधर सफर करते हैं। नौकरीपेशा, बिजनेसमैन और खरीददारी करने वालों की तादाद सबसे ज्यादा है। दोनों शहरों और आसपास के गांवों के लोगों में सबसे ज्यादा रिश्तेदारियां हैं। इस वजह से भी दोनों शहरों के लोगों का रोजाना इधर उधर आना जाना ज्यादा होता है। टोल लगने से दीनानगर और पठानकोट के लोगों पर कई पहलुओं से बोझ पड़ना शुरू हो गया है। दीनानगर और पठानकोट के बीच बस का किराया 24 रुपए से बढ़ा कर 30 रुपए कर दिया गया है। टोल का खर्च बढ़ने से रेत और बजरी तीन सौ प्रति सैकड़ा महंगा कर दिया गया है।