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ट्रांसपोर्टर्स बोले, अमृतसर-पठानकोट के बीच सिर्फ एक टोल प्लाजा हो
रछपालवांटोलप्लाजा के आसपास के गांवों और दीनानगर क्षेत्र के लोगों को 20 किलोमीटर के दायरे में आने के कारण टोल में दी जाने वाली रियायत नहीं दी जा रही है। कार चालकों को सबसे ज्यादा टोल अदा करना पड़ रहा है।
ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि अमृतसर-पठानकोट के बीच सिर्फ एक टोल प्लाजा होना चाहिए और गाड़ियों से एक रुपए किलोमीटर की दर से टोल वसूला जाए। उनका कहना कि 2000 में बने रोड एक्ट के तहत तेल पर एक से दो रुपए सेस लगाया जा रहा है। रोड टैक्स वह अलग से अदा कर रहे हैं। ट्रांसपोर्टर्स के अनुसार टोल टैक्स 17 वर्ष के लंबे समय के लिए लगाया गया है और अकेले जिला पठानकोट, गुरदासपुर और अमृतसर के ट्रांसपोर्टर्स से ही इस समयावधि में 1530 करोड़ रुपए टोल एकत्र होगा। जबकि अन्य वाहनों से वसूल किया जाने वाला टोल अलग होगा। उन्होंने कहा कि रछपालवां का टोल प्लाजा अन्यों के मुकाबले काफी अधिक बिजनेस करना वाला है और यहीं पर सबसे ज्यादा टोल लगा कर सभी वर्गों पर आर्थिक बोझ डाला गया है।
इस हाईवे पर बने टोल प्लाजा पर रोजाना करीब 25 लाख रुपए टोल एकत्र हो रहा है। दो दिन टोल प्लाजा पर कोई काम हो पाने से लाखों का नुकसान टोल प्लाजा को उठाना पड़ रहा है। जबकि ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि फोरलेनिंग का उन्हें कोई फायदा नहीं है। तो उनके समय की बचत हो रही है और ही तेल की बचत। इससे तो पहले वाली सड़कें ही बेहतर थीं।
कार चालकों ने पठानकोट और दीनानगर के बीच अप डाउन करने के लिए वैकल्पिक रास्तों को अपनाना शुरू कर दिया है। ज्यादा कार चालक गांव गुरदासपुर भाईयां से होते हुए टोल प्लाजा से करीब पांच सौ मीटर आगे धोबड़ा पुली तक जाते है। यह रास्ता कार चालकों के लिए 135 रुपए टोल देने की बजाए काफी सुगम पड़ रहा है।
टोल फीस देना मुश्किल
गुरदासपुर| प्राइवेटबसों के अड्डा इंचार्ज अश्विनी शर्मा, बस ऑपरेटर सुरिंदर सिंह, गुरमीत सिंह, संदीप, बलराज सिंह, मनजिंदर और सुरजीत सिंह का कहना है कि रोजाना करीब 800 रुपए की टोल फीस भरना उनके बस की बात नहीं है। इसलिए रछपालवां टोल प्लाजा को बंद किया जाए। उन्होंने कहा 100 किलोमीटर के दायरे में दो टोल प्लाजा नहीं बनाए जा सकते। इसके बावजूद कत्थूनंगल में टोल प्लाजा बनाकर कंपनी बस ऑपरेटरों और जनता को लूट रही है। यही हाल गुरदासपुर-पठानकोट की तरफ है। जब तक रछपालवां का टोल प्लाजा बंद नहीं किया जाता, व