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संस्कृत की उपेक्षा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी

7 वर्ष पहले
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आर्यसमाजशुरू से ही शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आर्य समाज की शिक्षण संस्थाएं देशभर में करोड़ों बच्चों को केवल शिक्षित कर रही हैं बल्कि संस्कारित भी कर रही हैं। अब आर्य समाज शीघ्र पंजाब में नशाखोरी, कन्या भ्रूण हत्या आैर गौहत्या के खिलाफ जनजागरण अभियान शुरू करेगा। यह बात सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा, नई दिल्ली के अध्यक्ष स्वामी आर्यवेश ने एसएस डीएवी स्कूल में एक भेंटवार्ता के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि आर्य समाज इन बुराइयों के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन शुरू करने की तैयारी कर रहा है। पंजाब में संस्कृत की हो रही उपेक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए स्वामी आर्यवेश ने सरकार से संस्कृत और हिंदी भाषा को पूरा सम्मान दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि आर्य समाज संस्कृत की उपेक्षा को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने पंजाब में युवा निर्माण अभियान चलाने की अपील करते हुए कहा कि युवाओं में नैतिकता, ईमानदारी, समाज सेवा और देशभक्ति के संस्कार पैदा करने के लिए इस अभियान का चलाया जाना बेहद जरूरी है। पंजाब के गौरव और पवित्रता को बचाने के लिए नशों के कारोबार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और कन्या भ्रूण हत्या के कलंक को मिटाने को भी उन्होंने बेहद जरूरी बताया। इस मौके पर गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के पूर्व उपकुलपति प्रो. स्वतंत्र कुमार मुरगई, स्कूल कमेटी के अध्यक्ष और प्रादेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के उपप्रधान अरविंद मेहता भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम में बैठे स्वामी आर्यवेश, एसके मुरगई और अरविन्द मेहता।