बसंत पंचमी बहार के साथ जीवन में करता है नई ऊर्जा का संचार
ग्रीनलैंडपब्लिकस्कूल में प्रिंसिपल डा. ज्योति ठाकुर के नेतृत्व में बसंत पंचमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। अध्यापकों ने पीले रंग के वस्त्र पहना कर भरपूर बसंती छटा बिखेरी।
स्कूल प्रांगण को पतंगों रंग बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया। मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करके सरस्वती वंदना कर जीवन में आगे बढ़ते हुए सफलता अर्जित करने की कामना की गई।
प्रिंसिपल ज्योति ठाकुर ने बच्चों को इस पर्व का महत्व समझाते हुए बताया कि पतझड़ ऋतु का समापन होने के साथ यह दिन नई बहार के सृजन का संदेश लेकर आता है और संपूर्ण सृष्टि में बहार लाते हुए हमारे जीवन को नवीन ऊर्जा से सराबोर कर देता है। यह पर्व एक प्रकार से नवीन खुशियों का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इसे ज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती का जन्मदिवस माना जाता है। शास्त्रों में बसंत पंचमी को ऋषि पंचमी से उल्लेखित किया गया है।
उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी का दिन हमें पृथ्वीराज चौहान की भी याद दिलाता है। उन्होंने विदेशी हमलावर मोहम्मद गौरी को पराजित किया था। बसंत पंचमी का लाहौर निवासी वीर हकीकत से भी गहरा संबंध है। हिन्दी साहित्य की अमर विभूति महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का जन्मदिवस भी बसंत पंचमी के दिन हुआ था। निराला जी के मन में निर्धनों के प्रति अपार प्रेम और पीड़ा थी। वे अपने पैसे और वस्त्र खुले मन से निर्धनों को दे डालते थे। उन्होंने बच्चों को इन महान विभूतियों के जीवन दर्शन से प्रेरणा लेने को प्रोत्साहित किया। इस मौके पर कोआर्डिनेटर मनदीप कपूर, पूनम ठाकुर, माधवी विज, अमिता सिंह सहित स्टाफ मेंबर और बच्चे मौजूद थे।
मां सरस्वती की प्रतिमा के सामने पुष्प अर्पित कर वंदना करने के दौरान स्टाफ और स्टूडेंट्स के साथ प्रिंसिपल डॉ. ज्योति ठाकुर।