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इराक में पिछले कई महीनों से फंसे 19 पंजाबी लौटे
इकबालदीप संधू | मंडी गोबिंदगढ़
रब्बदालख लख शुकर है कि साडे अपने जी सही सलामत साडे कोल गए यह कहना था इराक से मंडी गोबिंदगढ़ पहुंचे 19 पंजाबी युवकों के परिजनों का। हालांकि इन लोगों के पहुंचने पर नायब तहसीलदार कंवरप्रीत पुरी और परिजनों के साथ उनका ढोल की थाप पर स्वागत किया गया। अपने से मिलने की खुशी और अपने फैमिली मेंबरों को गले लगते ही उनके आंसू निकल गए। इराक से लौटे लोगों ने बताया कि 39 लोग वहां की 4-एम स्टील रोलिंग मिल हल्लाबेबी लोन तालिया खासा (इराक) में दो साल के वर्क परमिट पर इकट्ठा ग्रुप बनाकर पंजाब, यूपी और हिमाचल से गए थे। जिसमें 29 पंजाबी 9 यूपी बिहार और एक हिमाचल प्रदेश का था, जिसमें से कुछ पहले वापस लौट आए थे। 15 युवक जिला फतेहगढ़ साहिब के मंडी गोबिंदगढ़ और आसपास के गांवों के हैं। तीन खन्ना जिला लुधियाना और एक युवक जरमन सिंह पंजाब के गुरदासपुर जिले का है।
केंद्रसरकार की मदद से आए वापस : लोगोंने बताया कि जब से इराक में हालात खराब हुए उनकी फैक्टरी मालिक ने उन्हेंं परेशान करना शुरू कर दिया था। उन्हें फैक्टरी से बाहर नहीं जाने दिया जाता था। उन्हे एक साल तक कैदी के रूप में जीवन गुजारना पड़ा। यही नहीं जब उनके साथ कभी भारतीय एंबेसी के लोग संपर्क करने आते तो उन्हें और प्रताड़ित किया जाता था। हालात ये हुए कि उन्हें किसी से मिलने नहीं दिया जाता था। गाली गलौच के अलावा उनके मोबाइल फोन सिम तक छीन लिए गए थे।
बुधवार की रात 12 बजे वह दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे। जहां इंडियन एंबेसी के अफसर की एक टीम ने युवकों को घर वापसी के लिए आर्थिक मदद की और वहां से सभी लोग ट्रेन और बस के जरिये अपने-अपने घर पहुंचे। इनमें 8 युवकों को दिल्ली एंबेसी के अफसरों ने अंबाला तक ट्रेन के टिकट लेकर दिए और उसके बाद वह वहां से बस द्वारा दोपहर डेढ़ बजे मंडी गोबिंदगढ़ पहुंचे।इराक से लौटे युवकों ने कहा कि वो पंजाब में इंडस्ट्री की मार के चलते रोजी रोटी कमाने के लिए इराक चले गए थे।
अपनों से मिलते ही खुशी के आंसू निकलने लगे।
बस स्टैंड पर इराक से लौटे युवकों का वेलकम करते नायब तहसीलदार कंवरप्रीत पुरी।
खुशी है की सभी सही सलामत वापस गए: कंवरप्रीत
नायबतहसीलदार कंवरप्रीत पुरी ने बताया कि वो पिछले कई महीनों से उक्त युवकों से और उनके परिजनों के संपर्क में थे। उन्होंने वहां की भारतीय एंबेसी के अफस