पॉलीग्रीन हाउस की खेती से सुधारें आर्थिक स्तर: डीसी
भास्कर संवाददाता। फतेहगढ़ साहिब
फसलोंमें विभिन्नता लाने के लिए बागवानी लाभकारी है। सरकार किसानों को खेती के साथ-साथ पॉलीग्रीन हाउस में सब्जियों, फूलों की खेती के साथ बागबानी के प्रति प्रोत्साहित करने के विशेष प्रयास कर रही है। जिसे लेकर सब्सिडी देने के साथ-साथ इसके मंडीकरण के प्रबंध किए गए है, जिससे किसानों का आर्थिक स्तर उभारा जा सके।
डीसी कमलदीप सिंह संघा ने बताया कि बागवानी महकमे से फूलों और सब्जियों की पैदावार को बढ़ावा देने के लिए मार्केट कमेटियों के नोटिफाइड बाजार क्षेत्रों में फूलों की खरीद, बेंच, स्टोर और प्रोसेसिंग संबंधी पूरे प्रबंध किए गए हैं। जिला बागबानी महकमे की तरफ से फूलों, सब्जियों और फलों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए पिछले चार साल के दौरान जिले के किसानों को 9.81 करोड़ की सब्सिडी दी गई है। पॉलीग्रीन हाउस में फूलों की खेती के लिए 1.06 लाख की सब्सिडी दी गई है। राष्ट्रीय बागबानी मिशन के तहत नए बाग लगाने, पॉली हाउस, मधुमक्खी पालन और था बागबानी के औजारों पर 50 फीसदी सब्सिडी दी जाती है। डीसी ने बताया कि जिले में 165 हेक्टेयर से भी अधिक में बागबानी की जा रही है और राष्ट्रीय बागबानी मिशन तहत 4 कोल्ड स्टोर लगाने पर 2.80 करोड़, बागबानी संबंधित मशीनरी की खरीद पर 46.40 लाख, 12 पैक हाउस लगाने पर 19 लाख, जबकि वर्मी कम्पोस्ट, पावर स्प्रे पंप, मधू मक्खी पालने के लिए बक्सों पर भी सब्सिडी दी गई है।
पॉलीग्रीन हाउस में की जा रही सब्जियों की खेती।
^सहायक डायरेक्टर बागबानी डॉ. स्वर्ण सिंह मान ने बताया कि बागबानी महकमा, फसलों की पैदावार के लिए तकनीकी जानकारी देता है। सरकारी नर्सरी में पौधे मुहैया कराए जाते हैं। आमखास बाग सरहिंद में सेल्फ हेल्प ग्रुपों, महिलाओं को आचार, चटनी मुरब्बा बनाने की ट्रेनिंग समय-समय पर दी जाती है।
जिले में हंै 28 पॉलीग्रीन हाउस
^जिलेमें 28 पॉलीग्रीन हाउस है। जिनमें सब्जियों में शामिल शिमला मिर्च, टमाटर, बिना बीज के खीरा और दूसरी सब्जियां उगाई जा रही है। बिना रसायनिक खाद और मामूली केमिकल दवाओं के इस्तेमाल होने के चलते क्वालिटी के अव्वल रहने के चलते इसका मंडी में रेट भी अधिक रहा है।