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गांव विकास फंड से 1 करोड़ का घोटाला

7 वर्ष पहले
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गांवनबीपुरकी पिछली पंचायत के कार्यकाल में एक करोड़ से ज्यादा की रकम का घपला सामने आया है। गांव नबीपुर में 2008 से 2013 तक तत्कालीन सरपंच ने संबंधित महकमे के अफसरों के साथ मिल कर इसे अंजाम दिया। इसकी जानकारी आरटीआई के जरिए मिली। गांव के लोगों ने 24 जून 2013 को तत्कालीन डीसी से शिकायत कर मामले में कार्रवाई करने की मांग की थी। डीसी ने मामले की जांच डीडीपीओ को दी। डीडीपीओ ने फरवरी 2014 में अपनी रिपोर्ट में इन्हें आरोपी पाया था।

फंडों के गलत इस्तेमाल का ब्योरा भी रिपोर्ट में डीसी को दिया, लेकिन केस में कोई कार्रवाई होता देख गांव के लोगों ने फिर से 15 जुलाई 2014 को डायरेक्टर ग्रामीण विकास और पंचायत महकमे को कार्रवाई के लिए लिखा था। 26 अगस्त 2014 को डायरेक्टर दफ्तर ने डीडीपीओ फतेहगढ़ साहिब को जांच रिपोर्ट 15 दिनों में भेजने को कहा था। जिसे अगली कार्रवाई के लिए विजिलेंस महकमे को भेजा जा सके। डीडीपीओ दफ्तर से जांच रिपोर्ट मिलने पर ग्रामीण विकास और पंचायत महकमे की शिकायत ब्रांच ने फिर 30 सितंबर 2014 को 30 दिनों में रिपोर्ट देने को कहा था। मिली जानकारी अनुसार डीडीपीओ ने अभी तक अपनी रिपोर्ट नहीं भेजी है।

यहहै मामला

गांवके लोगों ने 24 जून 2013 को डीसी फतेहगढ़ साहिब को यह कहते हुए शिकायत की थी कि उनके गांव में कई काम नहीं कराए गए हैं। जहां काम कराए गए थे उन कामों में तत्कालीन सरपंच ने पंचायत सचिव के साथ मिल फंडों का दुरुपयोग किया था। शिकायत मिलने पर डीसी ने डीडीपीओ को जांच सौंप दी थी। डीडीपीओ ने पंचायती राज्य के लोक निर्माण महकमे के एक्सईएन से जांच कराई तो नतीजे हैरानी जनक थे। डीसी को भेजी रिपोर्ट में डीडीपीओ ने कहा था कि एक्सईएन की जांच में 1,00,47476 रुपए के फंडों का दुरुपयोग पाया गया था। जिसके लिए गांव सरपंच, उस कार्यकाल के दौरान रहे संबंधित बीडीपीओ, जूनियर इंजीनियर और पंचायत सचिव को आरोपी करार दिया था। चंद अफसरों को छोड़ कोई दूसरा कर्मी या अफसर अपना पक्ष पेश करने नहीं पहुंचा था। जिसकी रिपोर्ट उन्होंने तत्कालीन डीसी को भेज दी थी।

मामले की दोबारा जांच की जा रही है

^ग्रामीणविकास और पंचायत महकमे की शिकायत पर ब्रांच ने उन्हें 30 सितंबर 2014 को लेटर लिख कर मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट 30 दिनों में भेजने को कहा था। मामले की दोबारा जांच डीडीपीओ द्वारा केस से संबंधित अ