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पार्टी से बागी होने वाले को समर्थन नहीं: दीदार सिंह

6 वर्ष पहले
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सरहिंदफतेहगढ़साहिब नगर कौंसिल चुनावों को लेकर नामांकन दाखिल करने के तीसरे दिन भाजपा, कांग्रेस तथा कुछ आजाद उम्मीदवारों ने नामांकन किए। एसडीएम ऑफिस में वीरवार को भाजपा प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल कराने के लिए भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश गुप्ता समेत दूसरे पदाधिकारी मौजूद थे। उनके साथ कोई भी सीनियर अकाली नेता नहीं था। कांग्रेस प्रत्याशियों के नामांकन के मौके पर विधायक कुलजीत सिंह नागरा समेत पार्टी पदाधिकारी समर्थक मौजूद थे।

दोनों ही दलों के अधिकांश प्रत्याशियों ने अपने-अपने पर्चे दाखिल किए। जो बचे हैं वह 13 फरवरी को पर्चा भरेंगे। अकालियों ने अपने हिस्से के 13 कैंडीडेट की सूची बाद दोपहर जारी कर दी। शिअद कैंडीडेट 13 को नामाकंन भरेंगे।

बागियोंको समर्थन नहीं: शिअद हाईकामन

शिअदके चंदूमाजरा, भट्टी चीमा ग्रुप की बैठक के बाद कैंडीडेट की सूची जारी की गई। जिला आबजर्वर संता सिंह उम्मैदपुरी, हलका इंचार्ज दीदार सिंह भट्टी पूर्व कौंसिल अध्यक्ष गुरविन्द्र सिंह भट्टी ने कहा कि जो लिस्ट फाइनल की गई है उस पर सभी ने सहमति जताई है। कुछ पुराने जीते प्रत्याशियों के नाम काट दिए हैं। फैसला पार्टी का है अगर कोई भी पार्टी से बागी होकर चुनाव लडे़गा उसके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई होगी। उसे समर्थन नहीं मिलेगा। यहां सीनियर नेता रंजीत सिंह लिबड़ा, अजय सिंह लिबड़ा, राकेश कुमार, शरणजीत सिंह मौजूद रहे।

शिअद के कैंडीडेट्स की लिस्ट जारी करते ऑब्जर्वर, हलका इंचार्ज अन्य।

नॉमिनेशन फाइल करते हुए भाजपा के कैंडीडेट़़्स।

कांग्रेस कैंडीडेट्स वर्कर्स के साथ विधायक कुलजीत सिंह।

भाजपा-कांग्रेस और आजाद कैंडीडेट्स के चुनावी मुद्दे

कौंसिलचुनावों में मेन मुद्दा शहर के विकास को लेकर रहता है। भाजपा अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा कि उनकी पार्टी का चुनावी मुद्दा शहर का विकास, सीवरेज, जल सप्लाई के साथ लोगों को सभी मूलभूत सुविधाएं देने का है। इसके अलावा जो विकास कार्य चल रहे है उन्हें पहल के आधार पर पूरा कराना तथा जिन वाॅर्डों में विकास कार्य होने वाले है उन्हें करवाना है।

दूसरी ओर कांग्रेस विधायक कुलजीत सिंह नागरा ने कहा कि उनका चुनावी मुद्दा शहर के विकास के अलावा अकालियों की मौजूद लोक विरोधी नीतियों को जनता के समक्ष रखना है। कहा कि पिछली दफा कौंसिल पर अकालियों का कब्जा था पर इन्होंने शहर के विकास की ओर कोई ध्यान ही नही दिया। इतना ही नही शहर के पूर्ण सीवरेज के लिए केंद्र में कांग्रेस शासन काल दौरान जो 54 करोड़ रुपया शहर के लिए जारी किया गया था, वह भी इनकी गलत नीतियों के चलते लैप्स हो गया था।

आजाद उम्मीदवारों का तर्क था कि अकाली और ही कांग्रेसी शहर का विकास करवाते है। उनका चुनावी मुद्दा अपने वार्ड के लोगों के वह सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना है जो पहली जरूरत है।