पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • कामरा ने बिजली की दरें राजस्थान की तरह करने की मांग की

कामरा ने बिजली की दरें राजस्थान की तरह करने की मांग की

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
फाजिल्का| पंजाबकी अकाली-भाजपा सरकार भले ही लोगों को सैकड़ोंं रियायतें देने का दम भरती है, लेकिन बिजली के मामले में पंजाब सरकार राजस्थान की भाजपा सरकार से कोसों दूर है। आर्थिक रूप से सम्पन्न होने के बावजूद भी राजस्थान सरकार जनता को पंजाब के मुकाबले कहीं अधिक सस्ती बिजली दे रही है।

समाजसेवी दर्शन कामरा ने राज्य सरकार से बिजली की दरों में कमी करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि पंजाब में पहले 100 यूनिट 4.56 रुपए प्रति यूनिट है। इस पर 13 प्रतिशत बिजली के खर्चे (एसओपी) खर्च जोड़ा जाता है जिसका कोई ब्योरा बिल में नहीं दिया जाता है। जबकि राजस्थान में पहले 50 यूनिट मात्र 3 रुपये प्रति यूनिट है। इस पर मात्र 40 पैसे प्रति यूनिट बिजली कर है। अगले 150 यूनिट की दर 4.65 रुपये प्रति यूनिट 40 पैसे बिजली कर है। इसी तरह पंजाब में पहले 100 यूनिट के बाद अगले 200 यूनिट 6.02 रुपए प्रति यूनिट और इस पर 13 प्रतिशत बिजली खर्च है। जबकि राजस्थान में 150 यूनिट के बाद अगले 300 यूनिट की दर मात्र 4.88 रुपए 0.40 रुपये बिजली कर है। अगले 500 यूनिट तक 5.45 रुपए बिजली कर 40 पैसे प्रति यूनिट है। जबकि पंजाब में 300 यूनिट के बाद बाकी बचते सभी यूनिटों पर 6.44 रुपये प्रति यूनिट की दर से खर्च जोड़ा जाता है।

इसके अलावा राजस्थान में एक लाख से कम आबादी शहरों, लघु उद्योगों, बीपीएल परिवारों को विशेष छूट दी जा रही है। जबकि पंजाब में एससी वर्ग को 200 यूनिट के अलावा अन्य किसी वर्ग को छूट नहीं दी जाती है। उन्होंने कहा कि जब राजस्थान में बिजली सस्ती दी जा सकती है तो फिर पंजाब में क्यों नहीं दी जा सकती।