लोगों ने वेलेंटाइन-डे पर मनाया ‘गर्व दिवस’
वेलेंटाइनडे’ को रविवार को लोगों ने ‘गर्व दिवस’ के रूप में मनाकर भारतीय संस्कृति को और मजबूत करने का प्रयास किया।
फाजिल्का में रविवार को अनेकों लोगों ने गर्व दिवस मनाने की अनूठी पहल की। इस अभियान की शुरूआत 4 वर्ष पूर्व एडवोकेट संजीव बांसल ‘मार्शल’ 14 फरवरी 2012 को की। मार्शल एक सक्रिय समाजसेवक मोटीवेटर हैं और पेशे से हेल्थ जिम और इंग्लिश अकेडमी चला रहे हैं। उनका चार वर्ष पूर्व का प्रयास आज एक लोक लहर बन चला है।
इसतरह से मनाया यह दिन
मार्शलअकेडमी द्वारा गर्व दिवस मनाने की तैयारियां पिछले दो सप्ताह से ही पूरे उत्साह से की जा रही थी। लेकिन 14 फरवरी शुरू होते ही लोगों ने एक दूसरे को वहाट्सएप, फेसबुक, हाईक, इन्ट्राग्राम अन्य सोशल मीडिया के जरिए एक दूसरे को मुझे आप पर गर्व है।
गर्व दिवस की बधाई का संदेश भेजा। कईओं ने फोन कॉल कर तो कईयों ने फेस टू फेस मिलकर गर्व दिवस संबंधी अपनी भावनाओं को उजागर किया।
अचानक आपको अपना पढ़ाया विद्यार्थी मिले और कहे कि ‘मुझे आप पर गर्व है’।
एक बेटा, अपने मम्मी-पापा को सुबह उठते ही बोले कि दुनिया के सबसे अच्छे मम्मी-पापा हैं और उसे उन पर गर्व है तो ऐसी बातें सुनकर आप भावुक हुए बिना नहीं रह सकेंगे। ऐसी स्थिति अनेक घरों, अनेक परिवारों और अनेक लोगों के साथ हुई और वो भावुक हुए बिना नहीं रह सके।
एकजुट होकर करना होगा प्रयास
गर्वदिवस के संस्थापक संजीव बांसल मार्शल पवन जुलाहा ने कहा कि वेलेंटाइन जैसे कथित पर्व भारतीय पुरुषों को पथभ्रष्ट करते हैं। ऐसे कथित पर्व की प्रेरणा भारतीय संस्कृति से जुड़े पर्व मनाए जाने चाहिए और सभी को एकजुटता मिलकर प्रयास करना चाहिए। मार्शल जुलाहा ने भारत सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से 14 फरवरी को गर्व दिवस घोषित करने की मांग की है।
हर तरफ सराहना
रविवारको ‘वेलेंटाइन’ का ‘तोड़’ ढूंढने के लिए अपने आप गर्व दिवस की जगह-जगह सराहना हुई। लोगों ने सुबह गर्व दिवस का वर्णन करते हुए कहा कि ऐसे दिवस मनाना भारतीय संस्कृति के लिए बेहद जरूरी है।
फाजिल्का में अपने परिवार सहित गर्व दिवस मनाते हुए एक दंपति।