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आत्मिक रूप से हम कौन हैं, इसके बारे में कोई नहीं सोचता: दिनेश

5 वर्ष पहले
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श्रीप्राणनाथ जी मंदिर के 11वें वार्षिकोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को पूरे हर्षोल्लास के साथ हो गया। समारोह के मुख्य अतिथि पन्ना जी धाम मध्य प्रदेश से पधारे धर्म गुरु डा. दिनेश पंडित थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री रतनपुरी आश्रम मुजफ्फर नगर के विजय आहूजा, गुजरात से रमन भाई पटेल, सरसावा स्थित श्री निजानंद आश्रम से पधारे चंद्र जी थे।

11वें वार्षिक महोत्सव की शुरुआत डा. दिनेश पंडित की देखरेख में श्री कुलजम स्वरूप वाणी के 108 पाठों के भोग से की गई। इस उपलक्ष्य में देश के विभिन्न कोनों से आए सुंदर साथ (अनुयायियों) की उपस्थिति से सरहदी नगर फाजिल्का सुंदर साथ के मिलाप का संगम बन गया। दिनेश ने प्रवचन करते कहा कि आज जो धर्मों का झगड़ा है, उसका मुख्य कारण मनुष्य को अपनी पहचान होना है।

उन्होंने कहा कि शारीरिक रूप से तो हमारी पहचान भले ही हिंदू, मुस्लिम, सिख ईसाई की है लेकिन आत्मिक रूप से हम कौन हैं, इसके बारे में कोई नहीं सोचता। इससे पहले मंदिर के अध्यक्ष राजाराम ग्रोवर, संरक्षक प्राणनाथ सेठी, मदन लाल ग्रोवर, अश्विनी सचदेवा, मदन लाल सचदेवा ने धर्म गुरु अन्य धर्म प्रचारकों का अभिनंदन किया।

वहीं दिल्ली से पधारी आशा प्रदीप, सुमति शिखा, जयपुर से सचिन, श्री रतनपुरी आश्रम से संजय मुजफ्फर नगर से पधारे कृष्ण कुमार ने वाणी गायन से सुंदर साथ को झूमने पर मजबूर किया।

प्रणामी मंदिर में प्रवचन करते पंडित दिनेश।

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