बरजिंदर किंग और सरोज बनी बसंत क्वीन
ज्योतिबीएड काॅलेज में बसंत पंचमी के उत्सव पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की शुरूआत सभी विद्यार्थी और अध्यापकों ने माता सरस्वती का आशीर्वाद लेकर की।
इस कार्यक्रम में विद्यार्थी अध्यापकों के लिए स्लोगन राइटिंग, काईट मेकिंग, पोस्टर मेकिंग, रंगोली केलाज मोकिंग प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। बसंत पंचमी के उत्सव के महत्व को बढावा देने के लिए सभी विद्यार्थियों अध्यापकों ने पीले रंग के वस्त्र पहने हुए थे। मैनेजमेंट सदस्य सुरिंदर कुमार ठकराल, डा. रोशन लाल ठक्कर, रिटा एसो. प्रो. सतपाल गुप्ता सुभाष अरोड़ा भी उपस्थित हुए। प्रिंसिपल डा. अनीता अरोड़ा ने इस कार्यक्रम में उपस्थित होने पर उनका आभार प्रकट किया। इस पूरे कार्यक्रम का संचालन डा. बीआर अंबेडकर सदन के इंचार्ज रेणुका वालंटियर के द्वारा किया गया। जिसमें बरजिंदर ने बसंत किंग सरोज ने बसंत क्वीन का स्थान प्राप्त किया। काइट मेकिंग में लवप्रीत ने पहला, कुलदीप ने दूसरा, तजिन्द्र ने तीसरा पोस्टर मेकिंग में तमन्ना ने पहला, हरिन्द्र ने दूसरा तथा दिनेश ने तीसरा और रंगोली में नीलम ने पहला, तमन्ना ने दूसरा अंजू ने तीसरा स्थान हासिल किया। प्रतियोगिताओं में से एक सबसे अधिक महत्वपूर्ण प्रतियोगिता पतंगबाजी जिसे की बसंत पंचमी की पहचान कहा जाता है का सभी विद्यार्थियों ने खूब लुत्फ उठाया और इस प्रतियोगिता में हरिचंद्र ने पहला स्थान, वरुण ने दूसरा बसंत ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस प्रकार प्रसाद वितरण के पश्चात इस कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ।
स्कूल में बसंत पंचमी मनाते विद्यार्थी।
फाजिल्का| लालासरन दास बूटा राम अग्रवाल सर्वहितकारी विद्या मंदिर इस क्षेत्र का सर्वविदित विद्या मंदिर है। विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास को सामने रखते हुए। विद्या मंदिर में समय समय पर अनेक कार्यक्रम करवाए जाते हैं। शुक्रवार को प्रार्थना सभा में बसंत पंचमी के अवसर पर विद्याथियों को इस त्योहार से जुड़े सभी पक्षों की जानकारी दी गई। आज के ही दिन विद्या की देवी माँ सरस्वती जी का जन्मदिन होता है और ऐतिहासिक दृष्टि से यह दिन वीर हकीकत राए जी के बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना का गान किया। बसंत से संबंधित कविताएं सुनाई। कक्षा शिशु वाटिका, नर्सरी से प्रथम तक के नन्हे मुन्ने आज पीले, नारंगी, हरे और रंग बिरंगे परिधानों में बहुत ही आकर्षक लग रहे थे। विद्या मंदिर में स्थापित माँ सरस्वती जी के मंदिर में बच्चों ने श्रद्धापूर्वक पुष्प अर्पित किए। माँ का आशीर्वाद लिया। बच्चों को तिलक किया गया। छोटे-छोटे बच्चों ने संगीत की धुन पर नाचते हुए समां बांध दिया और खूब मनोरंजन किया। इन नन्हे मुन्नों ने विद्या मंदिर के हेडगेवार स्टेडियम में खूब पतंगें उड़ाई। लाल, नीली, पीली, पतंगों से भरा आकाश बहुत ही मनमोहक लग रहा था।