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एसडीएम पहुंचे स्ट्रीट लाइटों को चेक करने, कई प्वाइंट मिले बंद

7 वर्ष पहले
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नगरमें बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में सुधार के लिए प्रशासन ने स्ट्रीट लाईट मेंटनेंस का काम तो ठेके पर दे दिया, लेकिन अब भी नगर के कई हिस्सों में इस व्यवस्था में सुधार नहीं दिख रहा।

कांग्रेसी पार्षदों ने प्रशासन पर लगाए गए पक्षपात के आरोपों एवं उनके वार्डों में स्ट्रीट लाईट अव्यवस्था की जांच करने एसडीएम संदीप सिंह गढ़ा ने जब खुद नगर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया तो नगर काउंसिल के शत-प्रतिशत दुरुस्त स्ट्रीट लाईट व्यवस्था के दावे ठुस्स नजर आए। एसडीएम संदीप सिंह गढ़ा ने बताया कि डीसी ने उन्हें नगर में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की जांच करने के आदेश दिया था।

उन्होंने नगर काउंसिल के स्ट्रीट लाइट इंचार्ज राजीव गुलाटी को साथ लेकर नगर का दौरा किया तो हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, मोदी मिल्ल रोड, भारत नगर, मक्खू गेट, मुल्तानी गेट, बार्डर रोड, आउटसाइड बांसी गेट, रेलवे पुल, मल्लवाल रोड पर अधिकतर प्वाइंटस बंद पाए गए।

गढ़ा ने कहा कि विजिट के दौरान साथ गए नगर काउंसिल के अधिकारी को खराब पड़े स्ट्रीट लाईट प्वाइंटस को तुरंत दुरुस्त करवाने को कहा गया है और अगर ठेकेदार द्वारा काम में कोताही बरती जाती है तो उसकी प्रति बंद प्वाइंट रोजाना 50 रुपए काटने के आदेश दिए गए हैं। गढ़ा ने कहा कि जिन क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट नहीं जलती, वहां के लोग खुद प्रशासन को सूचित करें कि कितनी लाइट्स खराब हैं और कितने दिनों से खराब हैं। अगर कहीं खराबी पाई जाती है तो ठेकेदार के पैसे काटे जाएंगे।

काउंसिल ने अपने अधिकार क्षेत्र में स्थित 3200 स्ट्रीट लाईट प्वाइंटस की मेंटनेंस का ठेका एक वर्ष के लिए प्राइवेट हाथों में दिया है। काउंसिल ने इस अवधि के लिए 14 लाख रुपए की पेमेंट ठेकेदार को की जानी है। मेंटेनेंस में ट्यूब, रॉड, स्विच, तार, स्टार्टर इत्यादि की पूरी जिम्मेवारी ठेकेदार की फिक्स की गई है।