केवट ना करो इंकार हमे ले चलो गंगा पार
श्रीसनातन धर्म दशहरा कमेटी द्वारा आयोजित रामलीला में भरत मिलाप नाइट का आयोजन किया गया। जिसमें विनोद बांसल ने मुख्यातिथि के तौर पर हिस्सा लिया। अयोध्या त्यागने के बाद राम के साथ सीता लक्ष्मण वन को चले जाते हैं और वह केवट से गंगा पार करने के लिए विनती करते हैं। जब केवट को भगवान राम के बनवास के बारे में पता चलता है तो वह राम को अपनी नौका से नदी पार करवा देता है और राम जंगलों में अपने भ्राता भरत से मिलते हैं। भरत अपने भाई-भाभी की तलाश में जंगलों में भटक रहा होता है। तो वहीं पुत्र के वियोग में दशरथ भी तड़पता हुआ प्राण त्याग देता है। प्रधान अशोक गुप्ता, विजय गुप्ता, बृजमोहन, अनिल, प्रवीण सिंगला ने बताया कि रामलीला देखने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रहा है।
राम के वियोग में तड़पते हुए दशरथ ने त्याग दिए प्राण।
केवट से नदी पार करवाने की अपील करते हुए राम-लक्ष्मण