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30 तक हर हाल में पूरा करें री-वेरीफिकेशन: डीसी

7 वर्ष पहले
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नेशनलफूड सिक्योरिटी एक्ट 2013 के तहत आरंभ हुई नई आटा दाल योजना में योग्य परिवारों की पहचान करने वाली जांच टीमें किसी किस्म के दबाव एवं पक्षपात के साथ काम ना करें। निष्पक्ष होकर री-वेरीफिकेशन का काम 30 दिसंबर तक निपटाएं।

यह बात डीसी डीपीएस खरबंदा ने नई आटा दाल योजना की रीव्यू मीटिंग के दौरान कही। योजना के लिए योग्य परिवारों की पहचान के नियम बताते हुए खरबंदा ने कहा कि अंत्वय अन्न योजना के तहत जिन परिवारों की पहचान की गई है और जो परिवार भारत सरकार के वर्ष 2002 में किए गए सर्वे के अनुसार गरीबी रेखा से नीचे पहचाने गए हैं, जिन परिवारों के मुखी अपाहिज हैं, भूमिहीन खेत मजदूर, ढाई एकड़ कृषियोग्य एवं पांच एकड़ बंजर जमीन वाले किसान, वह परिवार जिनकी मुखिया विधवा महिला अथवा अकेली स्त्री है, ऐसे परिवार नेशनल फूड सिक्योरिटी बिल्ल के तहत योग्य माने गए हैं।

मीटिंग में डीएफएससी डाॅ अंजुमन भास्कर के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

जांच-पड़ताल

यह माने जाएंगे अयोग्य

>सभीआयकरदाता, सेवा करदाता, प्रोफेशनल करदाता जिनके पास एयर कंडीशनर अथवा चार पहिया वाहन है।

>वह परिवार जो सरकार से रजिस्टर्ड किसी उद्योग के मालिक हैं अथवा उद्योग चला रहे हैं।

>केन्द्र, राज्य सरकार, बोर्ड, कॉरर्पोशन, उद्योग, म्यूनिसिपल कांउसिल, नगर निगम, नगर सुधार ट्रस्ट में परमानेंट नियुक्त हैं।

>म्यूनिसिपल काॅरर्पोशन अथवा म्यूनिसिपल काउंसिल लिमिट में 100 वर्ग गज अथवा इससे अधिक प्लॉट या 750 वर्ग फीट फ्लैट के मालिक हैं।

>विभाग, पंचायतें करें री-वेरीफिकेशन में सहयोग

>खरबंदा ने कहा कि री-वेरीफिकेशन कार्य मुकम्मल होने के पश्चात योग्य लाभपात्रियों की सूची जल्द से जल्द एसडीएम कार्यालयों, पंचायत घरों, म्यूनिसिपल कमेटी कार्यालयों के नोटिस बोर्डों पर लगाए जाएं। अगर किसी लाभपात्री के संबंध में एतराज मिलता है तो उसकी पुन: जांच की जाएगी। पूरा काम संबंधित एसडीएम की निगरानी में होगा। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बीडीपीओ और शहरी क्षेत्रों के लिए नगर काउंसिलों के ईओ री-वेरीफिकेशन कार्य मुकम्मल करवाने के जिम्मेवार होंगे।

रीव्यू मीटिग को सम्बोधित करते डीसी डीपीएस खरबंदा