ई-पंचायत, मनरेगा कर्मियों ने दिया धरना
मनरेगाकांट्रैक्ट एवं ई-पंचायत कर्मचारियों ने सोमवार को डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के सामने धरना दिया। जिला अध्यक्ष चरणजीत सिंह ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि उनकी मांगों को मानने की बजाय पंजाब सरकार पिछले लंबे समय से टालमटोल की नीति अख्तियार किए बैठी है।
उन्होंने कहा कि ई-पंचायत के 387 कर्मचारियों की 28 फरवरी 2014 से अटेंडेंस लगानी बंद कर दी थी जो कानून एवं नियमों के खिलाफ है। उन्हाेंने कहा कि छह माह से अधिक समय व्यतीत होने के बावजूद कर्मचारियों को किसी काम पर नहीं लगाया गया।
अमनदीप सिंह पुरी और हरभिन्द्र सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार और विभाग कर्मचारियों के साथ पक्षपात कर रहे हैं। मनरेगा कर्मचारियों को दिहाड़ीदार कर्मचारियों से कम वेतन दिया जा रहा है, रेगुलर पे-स्केल, सीपीएफ, सीनियॉरिटी लिस्ट एवं स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। सरकार के साथ अनेकों बार बातचीत की कोशिश की गई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। सरकार की टालमटोल की नीति के विरोध स्वरूप 15 सितम्बर से 21 सितम्बर तक सभी जिला मुख्यालयाें के समक्ष धरने लगाए जा रहे हैं। 22 सितम्बर से 24 सितम्बर तक ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग कार्यालय मोहाली में प्रांत स्तरीय धरने लगाए जाऐंगे। इस रोष प्रदर्शन के दौरान राहुल, पंकज, बचित्तर, अमनदीप सिंह, अनूप सिंह, संदीप, परमजीत सिंह, अंजू बाला, हरदीप, गुरमेल, सुखचैन, गुरप्रीत सिंह, संदीप कुमार इत्यादि ने भी संबोधित किया।
फिरोजपुर जिला मुख्यालय के सामने धरने पर बैठे ई-पंचायत और मनरेगा कर्मचारी।