र्क्लकों की गिरफ्तारी छिपा रहा डीटीओ
पुलिसकी ओर डीटीओ कार्यालय के दो क्लर्कों के गिरफ्तार करने के बाद वीरवार को डीटीओ कार्यालय में सन्नाटा छाया रहा। दफ्तर में अपने काम से आए लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
वहीं विभाग ने अपने कर्मचारियों की गिरफ्तारी छिपाने के लिए उनके कमरों के बाहर नोटिस लगवा दिए हैं, जबकि कार्यालय परिसर में ही जनता की सुविधा के लिए लगे बैनर पर कार्यालय के गिरफ्तार क्लर्क सुरिन्द्र भंडारी एवं उनका मोबाइल नंबर अंकित है। जिला पुलिस ने 21 अक्टूबर को चोरी की गाड़ियों पर जॉली नंबर प्लेट्स लगाकर और इनके जाली रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट तैयार करने वाले गिरोह के सदस्यों से पूछताछ के बाद इस मामले में कार्यालय के दो क्लर्कों सुरिन्द्र भंडारी और मुल्ख राज कपूर को नामजद कर बुधवार को इन्हें गिरफ्तार किया था। डीएसपी विभोर शर्मा ने बताया कि दोनों क्लर्कों को वीरवार कोर्ट में पेश किया गया जहां इन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
भास्कर ने वीरवार की सुबह जब डीटीओ कार्यालय परिसर का दौरा किया तो सुरिन्द्र कुमार भंडारी और मुलख राज कपूर के कमरों के दरवाजों पर ताले लटके मिले। यहां काम करवाने आने वाले लोगों को बताने के लिए दरवाजों पर ही नोटिस चस्पा किए हुए थे। जिन पर इनके 18 दिसंबर तक सरकारी कारणों के कारण मिलने की सूचना दी गई और साथ में यह लिखा गया है कि कमरे से संबंधित क्लर्क के साथ 19 दिसंबर को सम्पर्क किया जा सकता है। भंडारी के कमरे के समक्ष एक बैनर लगा नजर आया। जिस पर एजेंटों से सावधान रहने की चेतावनी के साथ साथ यह सूचना लिखी है कि ट्रांसपोर्ट विभाग के किसी भी कार्य में मुश्किल संबंधी कार्यालय के जूनियर सहायक सुरिन्द्र भंडारी (94634-60935) कमरा नंबर 15 में संपर्क किया जाए। अगर मुश्किल का हल नहीं निकलता तो तुरंत जिला ट्रांसपोर्ट अफसर से मिला जाए।
बंद कमरों के दरवाजों पर लगे नोटिस।
बैनर पर लिखा सुरिन्द्र भंडारी का नंबर।
गिरफ्तार कलर्कों के कक्षों पर लटके ताले।
पुलिस हिरासत में दोनों कलर्क
वीरवार डीटीओ कार्यालय में छाया सन्नाटा