पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • 1971 के शहीदों की शहादत को किया नमन

1971 के शहीदों की शहादत को किया नमन

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज | ममदोट (फिरोजपुर)

1971के भारत-पाक युद्ध के दौरान देश के लिए जान देने वाले शहीदों की याद में वीरवार को बीएसएफ ने इंडो-पाक इंटरनेशनल बार्डर की राजा मोहत्म चेकपोस्ट पर श्रद्धांजलि दिवस मनाया।

समारोह में बीएसएफ फिरोजपुर सेक्टर के डीआईजी आरके थापा मुख्यातिथि बनकर पहुंचे। शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद उपस्थित बीएसएफ जवानों, उनके परिवारों एवं सिविलियंस को सं‍बोधित करते हुए थापा ने कहा कि देश के लिए कुर्बान होने वालों को सदैव याद किया जाता है, यह लोग शहीद होकर भी अमर रहते हैं। थापा ने कहा कि देश के सैनिक, अर्ध सैनिक बल एवं पुलिस फोर्स तो अमन एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी ड्यूटी निभाती रही है, आम लोगों को देश के प्रति कर्तव्यों का निष्ठा से पालन करना चाहिए।

युवा पीढ़ी को देश की अमन शांति के लिए आगे बढ़ चढ़ कर काम करना चाहिए।

यहहै राजा मोहत्म चौकी का इतिहास

भारत-पाकयुद्ध के दौरान पाकिस्तान की 9 बलोच रेजीमेंट की पूरी कंपनी ने भारतीय सीमा में घुसकर ममदोट सेक्टर की राजा मोहत्म चौकी को अपने कब्जे में ले लिया था।

उस समय भारतीय सेना की 31वीं बटालियन के कमांडेंट संपूर्ण की अगवाई में आर्मी युद्ध विधि का ज्ञान रखने वाले सहायक राम कृष्ण वधवा को इस चेकपोस्ट को खाली करवाने की जिम्मेवारी मिली।

देश सेवा का जनून रखने वाले आरके वधवा केवल 100 साथियों को साथ लेकर पाकिस्तानी सेना की पूरी कंपनी पर टूट पड़े।

इस संघर्ष में वधवा एवं उनकी बटालियन ने राजा मोहत्म चौकी तो पाकिस्तानी सेना से मुक्त करवा ली लेकिन अपने साथ साथ आठ वीर जवानों के प्राण न्यौछावर कर दिए। उन्हीं की याद में 11 दिसंबर को इस चेकपोस्ट पर राजा मोहत्म डे मनाया जाता है।

डीआईजी द्वारा शहीद आरके वधवा की बहन राज रानी, शहीद सुक्खा सिंह की प|ी हरभजन कौर, शहीद टहल सिंह की प|ी ज्वाला देवी को सम्मानित किया।

समारोह में शामिल शहीद आरके वधवा के छोटे भाई सुभाष चन्द्र वधवा ने अपने संबोधन में कहा कि नई पीढ़ी को शहीदों की शहादत से प्रेरणा लेनी चाहिए और उनके पदचिन्हों पर चलते हुए देश निर्माण के कार्यों में हिस्सा लेना चाहिए।

समारोह में बीएसएफ 137 बटालियन के कमांडेंट गजराज यादव, 105 बटालियन के कमांडेंट संदीप रावत, डिप्टी कमांडेंट मरकस मसीह, ऐके तिवाड़ी, इंस्पेक्टर शोरी लाल शर्मा भी शामि