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31 वार्डों के नोटिफिकेशन के बाद प्रत्याशी पशोपेश में
चुनावआयोग पंजाब की ओर से 2 दिसम्बर से पहले राज्य के नगर निगमों, नगर काउंसिलों एवं नगर पंचायतों के इलेक्शन करवाए जाने की घोषणा के बाद फिरोजपुर शहर में चुनावी माहौल बनता-बिगड़ता नजर रहा है।
निकाय विभाग कई माह पहले ही नगर के 25 वार्डों की संख्या बढ़ाकर 31 करने का नोटीफिकेशन जारी कर चुका है। लेकिन नोटीफिकेशन के बाद आज तक नई हदबंदी की घोषणा नहीं हो पाई है, जिसके चलते पार्षद बनने के इच्छुक प्रत्याशी पशोपेश में हैं। उन्हें यह समझ नहीं रहा कि वह अपना चुनाव प्रचार कहां से शुरू करें, क्योंकि नई वार्डबंदी में पता नहीं किस मोहल्ले को काटकर किस वार्ड में शामिल कर दिया जाए।
पिछले सप्ताह राज्य के चुनाव कमिश्नर एसएस बराड़ ने जल्द चुनाव करवाए जाने की घोषणा की थी। उसके बाद यह आसार बन गए थे कि निकाय विभाग उन शहरों में नई हदबंदी की घोषणा जल्द करेगा। जहां आबादी के मद्देनजर वार्डों की संख्या बढ़ी है।
विभागीय सूत्र बताते हैं कि इस संबंध में पहले 23 सितम्बर को बाकायदा नगर काउंसिल कार्यालय में मीटिंग बुलाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अब इस मीटिंग को कुछ दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है।
इस समय हालात यह हैं कि जितना अधिक समय वार्डों की हदबंदी में लग रहा है, विभिन्न वार्डों से चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों के बीच उतनी ही दरारें बढ़ रही हैं। बावजूद इसके हर कोई अपने अपने तौर पर जनसंपर्क अभियान में जुटा हुआ है।
भाजपा नेताओं की आपसी फूट का शिकार फिरोजपुर शहर में वह हो रहे हैं जो भाजपा की टिकट पर पार्षदीय चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। वर्ष 2008 से दो खेमों में बंटी रही भाजपा आज तक एकजुट नहीं हो सकी।
चुनाव लड़ने के इच्छुकों को यह समझ में नहीं रहा कि वह किस गुट के साथ चलें, क्योंकि अभी तक कुछ पता नहीं कि टिकट वितरण के समय किस गुट की तूती बोलेगी। उधर भाजपा की आपसी फूट का सीधा लाभ कांग्रेस पार्टी विस चुनाव 2012 और लोस चुनाव 2014 में खूब उठा चुकी है। लोकसभा चुनाव में राज्य की चार सीटों पर मिली ऐतिहासिक जीत के चलते आप भी नगर काउंसिल चुनाव मैदान में कूदने की पूरी तैयारी में है और हर वार्ड, गली, मोहल्ले में अपने समर्थकों की भीड़ बढ़ा रही है।
26 को होगी मीटिंग
^विभागने शहर की नई हदबंदी की रिपोर्ट तैयार कर ली है, इसकी सिर्फ घोषणा करना बाकी है। विभागीय कारणों के चलते 23 सितम्बर की मीटिंग स्थगित क