विदेशी संस्कृति को अपना रही भारत की युवा पीढ़ी
त्योहारों का किया जा रहा व्यवसायीकरण
एसीचावला| फिरोजपुर
प्यार, मोहब्बत के विरोधी शासक का विरोध करने पर सदियों पहले रोम के संत वेलेंटाइन ने आज ही के दिन कुर्बानी दी थी।
उनकी याद में प्रेमियों का दिन मनाने की प्रथा आज रोम देश की सरहदें लांघ कर पूरे विश्व में चुकी है। भारतीय युवा पीढ़ी अपनी अमूल्य संस्कृति को भूल विदेशी संस्कृति को अपनाने पर तुली है और इसी का लाभ उठा रहे हैं विभिन्न दिनों का व्यवसायीकरण करने वाले।
भारतीय समाज में जहां हर पर्व, त्योहार पर पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव सिर चढ़ बोल रहा है वहीं वेलेंटाइन डे मनाने वालों की कमी नहीं है।
प्यार के लिए शहादत देने वाले को याद करना बुरा नहीं है लेकिन जिस तौर तरीके से भारतीय युवा पीढ़ी अपने संस्कारों की सीमा लांघ रही है, वह हमारे समाज के लिए बुरी बात है।