100 बच्चों ने की पेंरेंट्स की पूजा
भास्कर संवाददाता| फिरोजपुर कैंट
वेलेंटाइनडे को मातृ-पितृ पूजन दिवस के रूप में मनाने की पहल के प्रति लोगों का बेहतर समर्थन देखने को मिल रहा है। छावनी के प्राचीन श्री राधा-कृष्ण मंदिर में श्री योग वेदांत सेवा समिति द्वारा अभिभावक पूजन दिवस को काफी श्रद्धा उत्साह के साथ मनाया गया। संत बापू आसाराम के अनुयायियों द्वारा पहले साप्ताहिक सत्संग किया गया, जिसमें जालंधर से पहुंचे भईया सौरभ जी द्वारा हिस्सा लेकर बापू के संदेश को बताया।
विभिन्न गली-मोहल्लों बस्तियों से पहुंचे करीब 100 बच्चों ने अपने पेरेंटस का इस तरह से पूजन किया, जिस तरह वाकई भगवान की पूजा की जा रही हो। बच्चों द्वारा पूजन करते समय पूरा माहौल आनंदमय हो गया और माता-पिता ने अपने बच्चों को सदा खुश रहने, तरक्की, यश, ज्ञान पाने का आशीर्वाद दिया। बच्चों का प्यार देख अभिभावकों की आंखें खुशी के आंसुओं से नम भी हो गई। जिन माताओं का पूजन उनकी बेटियों द्वारा किया जा रहा था उसे देख सभी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का प्रण भी लिया। इस अवसर पर रजनीश शर्मा, चन्द्रमोहन सिंगला, राजेश, एडवोकेट सुमन शर्मा, केवल कृष्ण, राम पुरषोतम, नरेश गोयल, मुकेश, सुभाष, रमेश शर्मा भी उपस्थित थे।
माता-पिता का सम्मान करना हर नागरिक के लिए जरूरी :सौरभ
सौरभने कहा कि माता-पिता का सम्मान करना हर नागरिक के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि जिस घर में बच्चे अपने पेरेंटस का सम्मान नहीं करते, वहां भगवान का निवास भी नहीं होता। पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव के कारण संतान माता-पिता से मोह छोड़ती जा रही है और वृद्धावस्था में अभिभावकों को वृद्ध आश्रमों का सहारा लेना पड़ता है। संत बापू आसाराम द्वारा वेलेंटाइन डे पर मातृ-पितृ पूजन की मुहिम शुरू की है। उन्होंने बताया कि अभिभावक बच्चे को जन्म देने के अलावा पालते, अंगुली पकड़ चलना सिखाते, ज्ञान देते तो उन पेरेंटस के लिए भी एक दिन पूजन का होना चाहिए। उन्होंने सभी को वेलेंटाइन डे के दुष्प्रभावों के बारे में भी बताया।
बच्चों को आशीर्वाद देते पेरेंट्स।
मां बेटियों की पूजा से खुश हुई तो उन्हें आशीर्वाद देकर फूली समाई।