जहां प्यार शांति का वातावरण वहीं परमात्मा:गिरी
भास्कर संवाददाता|फिरोजपुर कैंट
श्रीनन्ना मंदिर में मूर्ति स्थापना को लेकर रखी गई सात दिवसीय भागवत कथा में महामंडलेश्वर स्वामी सत्यानंद गिरी ने प्यार भाईचारा बनाएं रखने की सलाह दी है। देश की संस्कृति में पश्चिमी सभ्यता का मिलाप होने के चलते सामूहिक परिवार में आपस में टूटते जा रहे है और खून के रिश्तों में दरारें आती जा रही है। जिस पर लगाम लगाना समय की सबसे बड़ी मांग है।
सत्यानंद गिरी ने कहा कि जहां प्यार विश्वास होता है भगवान का भी वहीं पर वास होता है। सभी को चाहिए कि वह रिश्तों को संभालकर रखे। इंसान को छोटी बातों पर गुस्सा करने की बजाय धैर्य रखना चाहिए। मानव जीवन को प्रभु भक्ति में लगाना चाहिए। जो लोग प्रभु की सच्चे मन से सेवा करते है उनके ऊपर अमृत कृपा बरसती है। संसार में माता-पिता गुरु से बड़ा कोई नहीं है। गणेश जी ने भी अपने भोलेनाथ माता पावृति की परिक्रमा लेने को पूरी धरती की फेरी का नाम दिया था। महामंडलेश्वर सत्यानंद गिरी ने कहा कि मानव को मास, मदिरा, नशे से दूर रहना चाहिए। क्योंकि यह पदार्थ हमारी आत्मा का क्षय करते है और नेक कार्यों से हटाकर मन में शिथिलता ला देते है। जिसके चलते इंसान बुराइयों का शिकार हो जाता है
मन्दिर पदाधिकारी मोहन जैन हरीश गोयल ने बताया कि हनुमान जी की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा का तीन दिवसीय पूजन आरंभ हो गया है और 12 फरवरी को बसंत पंचमी पर मंत्रोच्चारण के साथ प्रभु की प्रतिमा को शुद्धि कर विराजमान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन कथा में भक्तजन खूब धर्मलाभ उठा रहे है।
कथा के दौरान हरीश गोयल के परिवार को आशीर्वाद देते महामंडलेश्वर सत्यानंद गिरी।