प्रसव पीड़ा से तड़पती रही महिला डाक्टरों ने किया डिलीवरी से इनकार
सिविलअस्तपताल फिरोजपुर में दर्द से तड़प रही एक गर्भवती की डिलीवरी से डाक्टरों ने इंकार कर दिया। अस्पताल प्रबंधकों का कहना था कि यहां एक ही गायनाेक्लॉजिस्ट है जिससे 24 घंटे काम नहीं लिया जा सकता।
सुरजन निवासी गांव जोधपुर ने आरोप लगाया है कि उसकी प|ी गर्भवती थी और जब उसे पीड़ा होने लगी तो वह ममदोट के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर ले आया, जहां से उसे फिरोजपुर सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
उसने बताया कि एक आशा वर्कर द्वारा उसकी प|ी का केस रजिस्टर्ड कर टीकाकरण भी करवाया जा रहा था। मंगलवार को जब उसकी प|ी नीतू को पीड़ा होने लगी तो वह उसे ममदोट अस्पताल ले गया, जहां महिला डॉक्टर ने दखकर नार्मल केस बताते हुए कहा कि अभी समय बाकि है अगर जरूरत पड़े तो दोबारा ले आना। सुरजन ने बताया कि शाम को उसकी प|ी को ज्यादा पीड़ा होने लगी तो वह फिर से उसे कम्युनिटी हेल्थ सेंटर ले गया तो डॉक्टर ने चैकअप करने के बाद उसे फिरोजपुर सिविल अस्पताल में रैफर कर दिया। उसने बताया कि 108 एंबुलेंस के माध्यम से उसने अपनी प|ी को फिरोजपुर लाया और यहां पर केस काफी क्रिटिकल हो गया और उसकी प|ी दर्द से तड़पती रही। अस्पताल में जब डिलीवरी शुरू हुई तो स्टॉफ नर्सो ने कहा कि लेडी डॉक्टर होने के कारण आप इसे फरीदकोट या फिर किसी अन्य प्राइवेट अस्पताल में ले जाओ। उसने आरोप लगाया कि अगर उसकी प|ी कुछ देर ओर सरकारी अस्पताल में रहती तो कोई भी अनहोनी हो सकती थी। उसने बताया कि उसके पास इतने रुपए भी नहीं थे कि उसका प्राइवेट अस्पताल में उपचार करवा पाता।
उसने बताया कि किसी रिश्तेदार से आर्थिक सहायता लेकर सरकारी अस्पताल के नजदीक निजी अस्पताल में प|ी का प्रसव करवाया और उसके घर बेटी ने जन्म लिया है।
सीनियर मेडिकल अधिकारी डा. प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में सिर्फ एक ही गाइनोक्लॉजिस्ट है और उनसे 24 घंटे काम भी नहीं लिया जा सकता। इस समस्या के बारे में उन्होंने पहले ही उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया हुआ है। वही सिविल सर्जन डा. प्रदीप चावला ने बताया कि वह आज चंडीगढ़ मीटिंग में व्यस्त है। फिरोजपुर वापस पहुंचकर पता चल पाएगा कि महिला की डिलीवरी किस कारण नहीं हो पाई। -राजेश धवन
महिला और जच्चा-बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ हैं।