पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • सिंगापुर में बेटी को पैसे नहीं भेज पाया तो ट्रेन से कटकर जान दी

सिंगापुर में बेटी को पैसे नहीं भेज पाया तो ट्रेन से कटकर जान दी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज |गढ़शंकर/ नवांशहर

नजदीकीगांव अलाचौर के पास एक व्यक्ति ने ट्रेन के आगे कूद कर खुदकुशी कर ली। ट्रेन के आगे कूदने वाला गांव चक्क हाजीपुर (गढ़शंकर) का रहने वाला बिशन सिंह (50) था। मरने से पहले उसने अपने हाथ पर सू-साइड नोट लिख अपनी मौत के लिए किसी को भी जिम्मेदार ठहराते हुए अपनी किस्मत को जिम्मेदार ठहराया है। उसके स्कूटर की डिक्की से मिले कागजों के अनुसार बिशन सिंह की बेटी सिंगापुर में पढ़ाई कर रही है और आर्थिक परेशानी में है। ऊधर बेटी परेशान है और इधर बेटी की परेशानी की चिंता में पिता डूबा हुआ है। रेलवे पुलिस आत्महत्या का एक कारण यह भी मान रही है। रेलवे पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

रेलवे चौकी इंचार्ज सतीश कुमार ने बताया कि वीरवार सुबह 9.30 नवांशहर से जेजों की ओर रवाना हुई ट्रेन के आगे अलाचौर के पास एक व्यक्ति ने छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा नवांशहर से ट्रेन रवाना होने के लगभग पंद्रह मिनट के बाद हुआ। मृतक के हाथ में कुछ लिखा हुआ था तथा उसकी पास से कुछ कागज भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचा दिया है।

कईदिनों से था परेशान

रेलवेचौकी इंचार्ज सतीश कुमार ने बताया कि मृतक बिशन सिंह ने सिर्फ हाथ पर ही नहीं, बल्कि जेब में रखे कागजातों स्कूटर की डिक्की में रखे कागजों पर भी अपने अपने परिवार की स्थिति के बारे में लिखा है। परिवार की कई कहानियां लिखी हैं। अपनी सिंगापुर में पढ़ने वाली बेटी की पढ़ाई की चिंता के बारे में लिखा है। साफ है कि बिशन सिंह कई दिनों से जिंदगी मौत के बीच कश्मकश में था। उन्होंने कहा कि लेकिन सु-साइड करने से पहले उसने हाथ पर ही सु-साइड की बात लिखी है।

सूसाइड नोट में लिखा

सतकारयोग, एसएसपी साहिब जी, मैं आपने बारे लिख के स्कूटर की डिक्की जेब में रखा हुआ है। स्कूटर का नंबर पीबी 21 0825 है। मेरी मौत का कोई भी जिम्मेदार नहीं है, मेरी किस्मत ही जिम्मेदार है। पर मेरे परिवार को बचा लें। आपको इस ट्रेन (लिखा साफ नहीं.. .. .. ..) मेरे परिवार की हर तरह से मदद करें।

हथेली पर लिखा सूसाइड नोट, किस्मत को बताया जिम्मेदार