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प्रवासी भारतीय जुझार सिंह को देश भगत रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया
मंडी गोबिंदगढ़। हांगकांगमें ईमानदारी की मिसाल पेश कर पंजाबी भाईचारे और देश का गौरव बढ़ाने वाले प्रवासी भारतीय जुझार सिंह (उर्फ जिम्मी खालसा) को डीबीयू ने प्रथम देश भगत र| अवॉर्ड से सम्मानित किया है।
उनको यह सम्मान देश भगत यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. जोरा सिंह और चांसलर प्रो. तेजिंदर कौर ने दिया। देश भगत रतन अवॉर्ड प्राप्त करते समय जुझार सिंह भावुक हो उठे। उनका कहना था कि माता-पिता द्वारा उनको जो शिक्षा प्रदान की गई और जो मार्ग दिखाया गया वह उस पर आज भी कायम हैं। उनकी ईमानदारी की मिसाल से हांगकांग में पंजाबी भाईचारे का गौरव और भी बढ़ा है।
प्रवासी भारतीय जुझार सिंह को सम्मानित करते डीबीयू के चांसलर डॉ. जोरा सिंह और चांसलर प्रो. तेजिंदर कौर।
हांगकांग डॉलर से भरा बैग लौटाया था
हांगकांगमें मोबाइल का कारोबार करने वाले जुझार सिंह ने बताया कि उनके पास अफ्रीकी मूल के नागरिक मिस्टर निगामा का आना-जाना था। निगामा एक दिन उनके पास अपना बैग रखकर नमाज अता करने के लिए मस्जिद गए तो वहीं उनको दिल का दौरा पडऩे से मृत्यु हो गई। जुझार सिंह को पता लगा तो उन्होंने बैग को चेक किया जिसमें करीब 1 लाख हांगकांग डालर के हीरे और कीमती पत्थर थे। उन्होंने शहरवासियों की सहायता से निगामा के घर का पता लगाया और यह हीरे और जवाहरात से भरा बैग परिवार के हवाले कर दिया।