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किसानों को मुआवजा तो कारोबारियों को क्यों नहीं

7 वर्ष पहले
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नवनीत छिब्बर| मंडी गोबिंदगढ़

पंजाबमेंनिवेश की संभावनाएं तलाशने के लिए डिप्टी सीएम सुखबीर बादल दो दिन के दौरे पर वीरवार को चेन्नई और हैदराबाद के लिए रवाना हो गए। वहीं मंडी गोबिंदगढ़ के इंडस्ट्रियलिस्ट्स का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। सरकार और प्रशासन की तरफ से उनकी सुध लेने कोई नहीं पहुंचा। हां, सियासी पार्टियों के नुमाइंदे जरूर आए और इंडस्ट्रियलिस्ट्स की मांगों को वाजिब बता कर चले गए।

ऑल इंडिया स्टील री रोलर्स एसोसिएशन के प्रधान विनोद वशिष्ठ, जरनल सेक्रेटरी हरमेश जैन, स्मॉल स्केल स्टील री रोलर्स एसोसिएशन के प्रधान राजीव सूद समेत अन्य ने धरने को संबोधित किया। सभी का कहना था कि किसान की फसल खराब हो जाए तो सरकार मुआवजा देती है। इंडस्ट्री ठप हो जाए तो मुआवजा दूर की बात आउट स्टैंडिंग क्लियर करते करते इंडस्ट्रियलिस्ट्स का दिवाला निकल जाता है। किसान यदि अन्न देता है तो उस अन्न को खरीदने की आर्थिक क्षमता और रोजगार मुहैया कराने में इंडस्ट्री की अहम भागीदारी है। अगर इंडस्ट्री तबाह हो गई तो इस क्षेत्र के लाखों लोग बर्बाद हो जाएंगे। सरकार इस ओर ध्यान क्यों नहीं दे रही, ये समझ से परे है। सरकार निवेशकों को लुभाने के लिए मीटिंग कर रही है, लेकिन पुराने इंडस्ट्री तबाह हो रहे हैं। आखिर सरकार की यह कैसी नीति है।

इंडस्ट्रियलिस्ट्स को समर्थन देने पहुंचे हलका एमएलए काका रणदीप ने कहा कि वह इंडस्ट्रियलिस्ट्स की समस्या को विधानसभा में उठाएंगे। काका रणदीप ने भरोसा दिलाया कि वह हर तरह से उनकी मदद करेंगे। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रधान हरिंदर भांबरी भी उनके साथ थे। अकाली दल से भारत भूषण टोनी भी धरने पर पहुंचे। लाल चंद गर्ग, मनमोहन सिंह मांगट, बलदेव किशन, राज जिंदल, परमिंदर सिंह, दर्शन सिंह, प्रदीप भल्ला, जतिन सूद, ओपी गुप्ता और अशोक शर्मा मौजूद रहे।

इंडस्ट्रियलिस्ट्स की डिमांड

इलेक्ट्रिसिटीकंजम्पशन के आधार पर इंडस्ट्री पर लमसम वैट लागू किया जाए।

ई-ट्रिप को रोल बैक किया जाए, लमसम वैट लागू होने के बाद इसकी जरूरत नहीं।

अफसरशाही द्वारा इंडस्ट्रिलिस्ट्स को डिमोरलाइज किए जाने पर लगाम लगाई जाए।

हिमाचल और उत्तराखंड की तर्ज पर केंद्र सरकार पैकेज दे।

मिनिमम इलेक्ट्रिसिटी चार्जेज हटाया जाए।

^ई-ट्रिप पर अभी तक किसी तरह का कोई डिसीजन नहीं लिया गया है। फिलहाल संबंधित डिपार्टमेंट्स