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इंडस्ट्रियलिस्ट्स ने कहा, हम मजबूर मांग पूरी होने तक धरना जारी रहेगा
नवनीत छिब्बर| मंडी गोबिंदगढ़
84सालसे दक्षिण एशिया के लोहा और स्टील बाजार पर राज कर रहे मंडी गोबिंदगढ़ का वजूद खतरे में है। बुधवार को यहां के इंडस्ट्रियलिस्ट्स और व्यापारी सड़क पर उतरे। उन्होंने कहा हम मजबूर हैं। तालाबंदी के सिवा हमारे पास अब कोई रास्ता नहीं बचा है। इंडस्ट्रियलिस्ट्स का कहना है कि जब तक सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती तब तक धरना जारी रहेगा। इंडस्ट्रियलिस्ट्स की मांग है कि ई-ट्रिप को सरकार रोल बैक करे। बिजली खपत के हिसाब से एकमुश्त टैक्स इंडस्ट्री से वसूल करे। साथ ही केंद्र सरकार से उनकी मांग है कि हिमाचल और उत्तराखंड के तर्ज पर पंजाब की इंडस्ट्री को भी पैकेज दिया जाए।
धरने में स्माॅल स्केल स्टील री रोलर्स एसोसिएशन, फर्नेश एसोसिएशन, भावनगर ट्रेंड्स एसोसिएशन, स्टील चैंबर एसोसिएशन, स्क्रैप एसोसिएशन, ऑल इंडिया स्टील री रोलर्स एसोसिएशन, व्यापार मंडल मंडी गोबिंदगढ़, पाइप मैन्यूफैक्चर एसोसिएशन ने धरने में शिरकत की। सभी एसोसिएशनों के ओहदेदारों ने धरने को संबोधित किया। सभी का गुस्सा अफसरशाही के खिलाफ था। स्माल स्केल री रोलर्स एसोसिएशन के प्रधान राजीव सूद ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि मुद्दा महज इंडस्ट्री का नहीं है, सवाल शहर के वजूद का भी है। यदि इंडस्ट्री डूबी तो शहर का वजूद भी खत्म हो जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि मंडी को बचाने की इस मुहीम में सभी कंधे से कंधा मिला कर आगे आएं। सियासी दलों ने भी धरने को समर्थन दिया। एमएलए साधु सिंह धर्मसोत, कांग्रेस के जिला प्रधान हरिंदर सिंह भांबरी, अकाली नेता भारत भूषण टोनी, रमनीत सिंह खालसा, बीजेपी के लाल चंद जिंदल, पीपीपी से जगमीत सिंह सहोता ने धरने को समर्थन दिया। इन सभी ने सरकार से मांग की कि मंडी गोबिंदगढ़ की इंडस्ट्री को बचाने की पहल की जानी चाहिए। सांसद भगवंत मान ने फोन कर इंडस्ट्रियलिस्ट को समर्थन दिया। मान ने भरोसा दिलाया कि वह केंद्र में इस मुद्दे को उठाएंगे। राज जिंदल, मनमोहन सिंह मांगट, बलदेव किशन, परमिंदर सिंह, दर्शन सिंह, जतिन सूद, प्रदीप भल्ला, जेपी शर्मा, संजीव गुप्ता, विनय कुमार और मदन लाल मौजूद रहे।
लालचंद गर्ग
राम मित्तल
राजीव सूद
हिमाचल और उत्तराखंड के तर्ज पर पंजाब की इंडस्ट्री को भी पैकेज मिले
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^बेहतरभविष्य की आ