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हिंदी विश्व को एक सूत्र में पिरोती है : डा. बेदी
पंडितमोहनलाल एसडी कालेज फार विमेन में हिंदी विभाग की ओर से 21 वीं सदी में हिंदी की भूमिका विषय पर सेमिनार का आयोजन प्रिंसिपल डा. नीलम सेठी की अध्यक्षता में करवाया गया। जिसमें शिरोमणि साहित्यकार डा. हरमहिंदर सिंह बेदी बतौर मुख्य वक्ता शामिल हुए। सेमिनार का आरंभ ज्योति प्रज्जवलित कर किया गया। हिंदी विभाग की अध्यक्ष पुनीता सहगल की ओर से डा. बेदी की साहित्यक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया। डा. बेदी ने कहा कि हिंदी एक ऐसी भाषा है जो पूरे विश्व को एक सूत्र में पिरोती है।
इस लिए हिंदी विश्व की जरुरत है। उन्होने कहा कि हिंदी भारतीय संस्कृति की विरासत है, हिंदी व्यापार की भाषा है, हिंदी भावों के अदान प्रदान की भाषा है, रोजगार की भाषा है और हिंदी के साथ ही बाकि भाषाओं का भी वर्चस्व कायम है। यही वजह है कि आज हर कोई हिंदी भाषा सीखने की जिज्ञासा रखता है इस लिए हिंदी का भविष्य अत्यंत उज्जवल है। इसके साथ ही उन्होंने विश्व स्तर पर हिंदी के महत्व पर भी प्रकाश डाला और हिंदी का विकास करने के लिए छात्राओं को प्रोत्साहित किया। प्रिंसिपल डा. नीलम सेठी ने कहा कि हिंदी भाषा से ही हम पूरी दुनिया के दर्शन कर सकते है। और हिंदी मानवता की आवाज है। मानवीय मुल्यों की आवाज है।उन्होेंने कहा कि हिंदी वर्चस्व इस समय भारत में ही नही पूरे विश्व में छाया हुआ है।
इस मौके पर डा. बेदी द्वारा रचित स्वामी विवेकानंद और भारत और स्वामी विवेकानद जीवन दर्शन और विचार पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। अंत में प्रिंसिपल नीलम सेठी ने मुख्य वक्ता डा. बेदी को स्मृति चिंह भेंट कर सम्मानित किया।