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नशा दिमाग की एक्टीविटी को कम करता है : एसएचओ

5 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | गुरदासपुर

सिटीथाना के प्रभारी बलदेवराज शर्मा की ओर से बीकानेर चौक में शहर के सभी स्टैंडो थ्री व्हीलर, टैक्सी, रिक्शा, बस ड्राइवरों और गुजर रहे राहगीरों को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए सेमिनार लगाया गया। इस मौके पर सिटी थाना प्रभारी बलदेव राज, एएसआई जसविंदर सिंह, हवलदार केवल कुमार, हवलदार प्यारा सिंह और ट्रैफिक ऐजुकेशन सैल की ओर से हवलदार संजीव कुमार शामिल हुए।

थाना प्रभारी ने ड्राइवरों को नशे के बुरे प्रभाव संबंधी जागरूक करते हुए बताया कि नशा सामाजिक बुराई है। नशे को अपने अनमोल जीवन में कोई अहमियत नहीं देनी चाहिए। नशे का आदी व्यक्ति देश को अज्ञानता के घेरे में खड़ा कर देता है। नशा इंसानी जीवन का बहुत नुकसान कर रहा है। ज्यादातर दुर्घटनाएं नशे का इस्तेमाल कर वाहन चलाने से ही होती है। नशे के कारण हमारे शरीर के जितने भी अहम अंग हैं, उनकी काम करने की क्षमता धीमी हो जाती है। नशे के कारण दिमाग की 80 फीसदी एक्टीविटी खत्म हो जाती है, जिससे वाहन चलाते समय दुर्घटना होने के कारण बढ़ जाते हैं।

उन्होंने जागरूक करते हुए कहा कि कई बार जो व्यक्ति परिवार का एकमात्र सहारा होता है उसकी ही मौत हो जाती है उस परिवार का फिर अपने पैरों पर खड़ा होना मुश्किल हो जाता है। ट्रैफिक एजुकेशन सैल की ओर से हवलदार संजीव कुमार ने रोड मार्किंग और रोड साईन और ट्रैफिक नियमो के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर ड्राइवर यूनियन के प्रधान जसवंत सिंह, थ्री-व्हीलर यूनियन के प्रधान दलीप सिंह, विक्रम सिंह, कुलजीत सिह, मनदीप सिंह, रणजीत सिंह मौजूद थे।

वाहन चालकों और राहगीरों को नशे के खिलाफ जागरूक करते सिटी थाना इंचार्ज बलदेव राज ने कहा कि नशे से िदमाग की 80 % एक्टीवटी खत्म हो जाती है।

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