आतंकवाद और पाकिस्तान एक ही बात : पी. भट्टाचार्य
पाकिस्तानहमेशा से भारत में अशांति ही चाहता है। वह कभी नहीं चाहता कि भारत में शांति रहे। इसलिए वह भारत में आतंकी हमले करवाकर अपनी घटिया सोच का प्रदर्शन करता रहता है। इसलिए सही तौर पर कहा जाए तो पाकिस्तान और आतंकवाद एक ही बात है। यह शब्द गृह विभाग की संसदीय स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन पी. भट्टाचार्य ने नगर सुधार ट्रस्ट स्कीम नंबर 1 कॉलोनी में आयोजित समारोह में पठानकोट आतंकी हमले में शहीद हुए कैप्टन फतेह सिंह और हवलदार कुलवंत सिंह के परिजनों को सम्मानित करने के बाद कहे।
समारोह का आयोजन पंजाब और मजदूर विभाग कांग्रेस के पूर्व प्रदेश चेयरमैन परमिंदर सिंह गिल की ओर से पठानकोट आतंकी हमले के शहीदों कैप्टन फतेह सिंह और हवलदार कुलवंत सिंह के परिजनों को सम्मानित करने के लिए किया गया था। इस मौके पर पी. भट्टाचार्य ने कहा कि पाकिस्तान नहीं चाहता कि भारत में शांति रहे, इसीलिए वह घटिया हथकंडे अपनाकर भारत में अशांति फैलाने की कोशिश करता रहता है। हकीकत यह है कि पाकिस्तान के अंदर ही आतंकवाद फैला है। इस पर नियंत्रण पाने के लिए वहां के शासक क्यों प्रयास नहीं कर रहे, यह उनकी समझ में नहीं रहा।
शहीदों के परिजनों को सम्मानित करने के मौके उन्होंने कहा कि उन्हें यह सौभाग्य मिला है कि वे शहीदों के परिजनों को सम्मानित करने के लिए शूरवीरों की धरती पंजाब पहुंचे हैं। समय की जरूरत है कि हम अपनी मुल्क की रक्षा के लिए एकजुट रहें और संकल्प लें कि किसी भी नापाक हमले से डगमगाएंगे नहीं। इस दौरान कमेटी के सदस्य डॉ. सत्यपाल सिंह, रंजन चौधरी, नीरज शेखर ने भी अपने संबोधन में शहीदों की शहादत को नमन किया और पठानकोट आतंकी हमले में शहीद हुए कुलवंत सिंह और फतेह सिंह के परिजनों को सम्मानित किया।
पठानकोट आतंकी हमले के शहीदों के परिजनों को सम्मानित करते संसदीय स्टैंडिग कमेटी के चेयरमैन पी. भट्टाचार्य। -भास्कर
समारोह के आयोजक परमिंदर सिंह गिल ने कहा कि पंजाब देश की खड़ग भुजा है और वतन पर जब भी आफत आई तो पंजाब के जवानों ने वीरता से इसका जवाब दिया, भले ही उन्हें अपनी जान कुर्बान करनी पड़े। पंजाबवासी शहीदों की मौत का मातम नहीं मनाते बल्कि देश की रक्षा के लिए कुर्बानी देने पर गर्व महसूस करते हैं। विदेशी ताकतें जितना मर्जी जोर लगा लें, पंजाब के जांबाज इसका कड़ा जवाब देने को सक्षम हैं।
पठानकोट हमले के शहीदों के परिजन संसदीय स्टैंडिंग कमेटी ने सम्मानित किए