बगावतियों से बचने के लिए घोषणा में देरी
नगरकौंसिल चुनाव को लेकर नामांकन दाखिल करने को लेकर केवल एक ही दिन बचा है, लेकिन भाजपा और कांग्रेस की ओर से अभी तक प्रत्याशियों के नामों को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। इसे लेकर अभी भी दोनों पार्टियों के पदाधिकारियों में मंथन जारी है।
हालत यह है कि लगभग सभी वार्डों से नाम तय हो चुके हैं, लेकिन एकाध वार्ड में मामला फंसा हुआ है। हालांकि देर शाम तक दोनों पार्टियों की ओर से नामों की सूची जारी करने की चर्चा तेज रही, लेकिन बाद में दोनों दलों की ओर से सूची की घोषणा नहीं की गई। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दोनों दल अपने उम्मीदवारों को घोषणा इससलिए करने से बच रहे हैं ताकि संभावित बगावत को टाला जा सके। अगर नामांकन होने तक नामों की घोषणा रोक ली जाती है तो पार्टी से बगावत करने वाले आजाद चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
ऐसे में पार्टियों के कंडिडेट्स को फायदा पहुंच सकता है। सुगबुगाहट तो यहां तक है कि पार्टी की टिकट मिलने के कारण विरोध के स्वर तीखे होना शुरू हो गए हैं। हालात काफी साफ होने के कारण जिन उम्मीदवारों के टिकट कटना तय माना जा रहा है, वे अंदरखाते आजाद प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लडऩे की तैयारी में हैं।
कुल मिलाकर स्थिति अभी तक ऊहापोह वाली बनी हुई है। कई प्रत्याशियों ने तो नाम की घोषणा होने से पहले ही वार्डों के बाशिंदों से मिलना शुरू कर दिया है। दोनों दलों की ओर से सूचियों को लेकर शुक्रवार को स्थिति साफ होने की संभावना बनी हुई है।
दोनों पार्टियों के पदाधिकारियों में मंथन है लगातार जारी