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रिश्तेदार की शादी में श्रीनगर गया गुरदासपुर का परिवार फंसा

7 वर्ष पहले
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सुपिंदर कौर

नवनीत कौर

सुरजीत सिंह

सनप्रीत

बाढ़ में फंसे परिवार के लोगों के बारे में जानकारी देते हरपाल सिंह, दविंदर कौर।

भास्कर न्यूज | गुरदासपुर

प|ीकेममेरे भाई की शादी में शामिल होने गया गुरदासपुर का परिवार पिछले 10 दिन से श्रीनगर में फंसा हुआ है। उनकी सलामती को लेकर उनके बाकि रिश्तेदार चिंतित है। गुरदासपुर के कालेज रोड वासी सुरजीत सिंह पुत्र वजीर सिंह 4 सिंतबर को प|ी सुपिंदर कौर दो बच्चों सनप्रीत सिंह (14), नवनीत कौर (12) और मां दर्शन कौर के साथ अपने ममेरे भाई रोबिन पाल सिंह वासी अालूची बाग श्रीनगर की शादी में शामिल होने के लिए 4 सितंबर को अपनी गाड़ी से निकले थे। शादी 7 सितंबर को होनी थी।

सुरजीत सिंह की बहन दविंदर कौर प|ी हरपाल सिंह निवासी गांव धारीवाल खिच्चियां ने बताया कि भाई को श्रीनगर में पानी आने की सूचना थी, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन जब वे श्रीनगर के पास अनंतनाग में पहुंचे तो वहां इतना पानी भर चुका था कि वह वही फंस गए। सुरजीत का फोन नहीं मिल पा रहा था। 12 सिंतबर को उसके भाई ने उन्हें फोन पर बताया कि वे 11 सिंतबर तक वे अनंतनाग में फंसे रहे। 12 तारीख को पानी कम हुआ तो किसी तरह वे श्रीनगर शादी वाले घर पहुंचे। वहां पहुंच कर उन्हें पता चला कि शादी वाले दिन जिस पैलेस में शादी समारोह था वहा पानी भर गया। बारातियों में अफरातफरी मच गई और विवाह की सभी रस्में अधूरी रह गई। सब अपनी जान बचा अपने अपने घरों की ओर भाग निकले। शादी नहीं हो पाई। 13 सितंबर को फिर से उसके भाई से उनकी बात हुई तो भाई ने बताया कि वहां अभी भी हालात खराब है। पानी अभी भी 8 से 10 फीट तक भरा हुआ है। लोग अपने अपने घरों की छतों पर बैठे है। पहले खाने पीने की बेहद दिक्कत रही थी। लेकिन अब आर्मी वाले और पंजाब और दिल्ली से गुरुद्वारों से वहां जहाजों से खाना पहुंचा रहे है। लेकिन वहां से निकलना अभी भी मुश्किल है।

सुरजीत पूरे परिवार सहित पहले भी फंस चुका है बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में

दविंदर कौर ने बताया कि उसका भाई पहले लेह में कारपेंटर का काम करता था और परिवार सहित वहीं पर रहता था। लेकिन एक बार वहां भी बादल फटने से आई बाढ़ में फंस गया था। वहां उसका काफी नुक्सान हो गया था और धंधा भी चौपट हो गया था। जिसके कारण वह परिवार सहित गुरदासपुर वापस गया था। अब वह धारीवाल के किसी निजी