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गर्भधारण की रजिस्ट्रेशन को यकीनी बनाई जाए: डीसी
जन्मके समय मां की मौत दर को कम करने के लिए मां के गर्भधारण की रजिस्ट्रेशन यकीनी बनाने के साथ-साथ टीकाकरण का काम तय समय में किया जाए।
यह बात डीसी डाॅ. अभिनव त्रिखा ने पंचायत भवन में आयोजित जिला स्तरीय मटर्नल डेथ रिव्यू बैठक में कही। उन्होंने सेहत विभाग के अधिकारियों को आदेश दिया कि हाई रिस्क प्रेगनेंसी की तरफ विशेष ध्यान दिया जाए ताकि डिलीवरी के समय मां की सेहत के आवश्यक प्रबंध किए जा सकें। डाॅ. त्रिखा ने जन्य के समय मां की मौत दर को कम करने के लिए सेहत विभाग के प्रयासों को जानकारी दी। सभी सीनियर मेडिकल अफसरों, नोडल अफसरों, एएनएम और आशा वर्करों को हिदायत दी कि मां के गर्भधारण की जानकारी मिलने पर रजिस्ट्रेशन पहल के आधार पर की जाए। यह यकीनी बनाया जाए कि रजिस्ट्रेशन हर हालत में 12 हफ्ते से पहले की जाए। हर गर्भवती को सेहत विभाग की तरफ से फ्री जांच, फ्री इलाज, अस्पताल आने-जाने के लिए फ्री एंबुलेंस सहायता, खून की कमी होने पर फ्री खून चढ़ाने की सुविधा यकीनी बनाई जाए।
अस्पताल में रहते समय नार्मल केस को 3 और सिजेरियन केस को 7 दिन संतुलित भोजन सुनिश्चित बनाया जाए। हर गर्भवती की डिलीवरी सरकारी संस्थाओं में कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अगर मरीज को आवश्यकता हो तो उस इलाके की एएनएम या एलएचवी साथ जाएं। हर हाई प्रेगनेंसी वाले मरीजों की सूची उनके फोन नंबर और उनकी डिलीवरी कराने की जगह पहले से ही सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही सभी सीनियर मेडिकल अफसर यकीनी बनाएं कि ऐसे केसों को आवश्यक सेवाएं पहल के आधार पर दी जाएं।
इस मौके पर जिला परिवार भलाई अफसर डाॅ. चरणजीत सिंह काहलों, महिला रोग विशेषज्ञ डाॅ. ज्योति, मेडिकल अफसर डाॅ. सुधीर, मीडिया अफसर उषा रानी आदि मौजूद थे।
नार्मल में तीन, सिजेरियन केस को 7 दिन तक मिले संतुलित भोजन