साहित्यकार तारा सिंह खोजेपुरी नहीं रहे
प्रसिद्धहास्यव्यंग्य के कवि तारा सिंह खोजेपुर का शुक्रवार निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे। शनिवार दोपहर गांव रणजीत बाग के श्मशानघाट में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके तीन बेटे और तीन बेटियां हैं। स्व. खोजेपुर ने हास्य व्यंग्य की 10 पुस्तकें लिखी थीं और दो पुस्तकें संपादित भी की थीं।
उनकी चिता को मुखाग्नि उनके बड़े बेटे करणजीत सिंह ने दिखाई। इस मौके पर प्रो. कृपाल सिंह योगी, मक्खन कोहाड़, ध्यान सिंह शाह सिकंदर, मंगत चंचल, अशोक पंकज, रमेश महाजन, गुरमीत सिंह पाहड़ा, जेपी खरलावाला, प्रताप पारस, हरजीत आलम, बलविंदर बालम, दिलबाग सिंह चीमा, सुरिंदर सिंह काहलों, गुरप्रीत सिंह घुम्मण, हरपाल सिंह बैंस, बोधराज कौंटा, विजय बद्धन, सुभाष सूफी, मास्टर शीशम सिंह संधू, बलबीर सिंह रंधावा सहित भारी संख्या में साहित्यकार और साहित्य प्रेमी मौजूद थे।
उनकी आत्मिक शांति निमित रखे श्री अखंड पाठ का भोग 27 सितंबर को उनके आवास रणजीत बाग में डाला जाएगा।
साहित्यकार खोजेपुरी के अंतिम संस्कार के मौके पर मौजूद साहित्यकार।