ट्रैफिक रूल्स मानने की लें कसम
हादसों के खिलाफ
अगरहमसभी मिलकर ट्रैफिक रूल्स का पालन करना शुरू कर दें तो रोजाना सड़कों पर होने वाले हादसों को रोका जा सकता है। इसलिए हमें नियमों को बोझ नहीं समझना चाहिए बल्कि इन्हें सेफ्टी का साधन मानना चाहिए। इसके लिए मिलकर कोिशश करने की जरूरत है। अगर हम खुद नियमों का पान शुरू कर दें तो हादसों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सभी को प्रण लेना होगा कि ट्रैफिक रूल्स का पालन करेंगे ताकि रोजाना सड़कों पर जाने वाली कीमती जानों को बचाया जा सके। कुछ ऐसे ही विचार शहर के गणमान्य लोगों ने दैनिक भास्कर से बातचीत में रखे। उन्होंने सड़क हादसों के खिलाफ दैनिक भास्कर के महाअभियान की प्रशंसा करते समाजसेवी संगठनों को इससे जुड़ने की अपील की।
प्रण करने की जरूरत
प्रो.कृपाल सिंह योगी का कहना है कि हादसों को रोकने के लिए सभी को आज से ही ट्रैफिक रूल्स के पालन का प्रण लेना चाहिए। सड़कों पर हादसों में जान गंवाने वाले किसी किसी की अपनी होते हैं, इसलिए इन्हें बचाने का मिलकर प्रयास करना होगा। छोटे-छोटे ट्रैफिक रूल्स मानकर ही हादसों को रोका जा सकता है। इसके लिए शहर के लोगों को नियम मानने की शपथ लेनी चाहिए। इस काम में सभी को आगे आना होगा ताकि समाज में जागरूकता पैदा की जा सके।
खुदसे पहल करें
गोल्डनग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के एमडी मोहित महाजन का कहना है कि हादसों को रोकने के लिए खुद से पहल करने की जरूरत है। अगर हम खुद ट्रैफिक नियमों को फॉलो करने लगेंगे, तभी दूसरों को इनके प्रति अवेयर कर सकेंगे। ऐसा कर हम एक कड़ी की तरह काम कर सकते हैं। ट्रैफिक रूल्स को मानने से रोजाना होने वाले सड़क हादसों को आसानी से रोका जा सकता है। जरूरत है केवल पहल करने की और समाज को इसके प्रति जागरूक करने के लिए आगे आने की।
अवेयरनेसलानी होगी
एजुकेशनवर्ल्ड की मेनेजिंग पार्टनर सोनिया सच्चर का कहना है कि ट्रैफिक रूल्स सेफ्टी के लिए बने हैं। इनको मानने से हादसों को रोका जा सकता है। अगर हम रूल फॉलो करने को अपनी आदत में शुमार कर लें तो कीमती जानें बचाई जा सकती हैं। इसके लिए समाज में अवेयरनेस लानी होगी। इस काम में स्टूडेंट्स अपनी अहम भूमिका निभा सकते हैं। जरूरत है कि उन्हें सही दिशा देने की। अगर स्टूडेंट्स को आगे लाया जाए तो खासा बदलाव लाया जा सकता है।
मिलकरकरें कोशिश
जिलाप्लानिंग बोर्ड की चेयरपर्सन नीलम महंत