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माला किसी के काम जो आए उसे इंसान कहते हैं...

7 वर्ष पहले
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श्रीमहंत कौशल किशोर दास गौशाला में महंत 108 मुरलीदास जी महाराज की अध्यक्षता में चल रही संगीतमय राम कथा के तीसरे दिन श्रद्धेय संगीतमय कथावाचक मानस माधुरी शशि प्रभा ने भगवान शिव का विवाह प्रसंग सुनाया। राम कथा के तीसरे दिन शिव के विवाह प्रसंग पर भक्त झूमने पर विवश हो गए। पूजा अर्चना के बाद मानस माधुरी शशि प्रभा ने रामायण की चौपाईयां की मीठी वाणी के साथ ओम नमो शिवाए, ओम नमो शिवाए, हर हर भोले नम शिवाए से भगवान शंकर और मां पावर्ती जी के विवाह प्रसंग की व्याख्या करते हुए मां पावर्ती जी का भगवान प्राप्ति के लिए ऋषियों द्वारा लिया जाने वाली परीक्षा का वृतांत सुनाया। उन्होंने नारी का दृढ़ संकल्प और अपने गुरु जी के प्रति प्यार और सत्कार के प्रति संगत को जागरूक किया। उन्होंने गुरु की महिमा का व्याख्यान किया और बताया कि यदि परमात्मा को प्राप्त करना है तो हमें गुरु की आवश्यक्ता है जो हमें पार उतार सकता है। हमें गुरु द्वारा सिखाई शिक्षा पर चलना चाहिए, जिससे हमें सही रास्ता मिलता है और गुरु के आदर सत्कार में हमें नतमस्तक रहना चाहिए।

उन्होंने समाज में फैली बुराई तलाक, आपसी तकरार को मिटाने के लिए समाज में महिला के सम्मान को बढ़ावा देने तथा स्त्री को अपने पति के आदर सत्कार के प्रति भी प्रेरित किया। इस दौरान शशि जी ने भजन माला किसी के काम जो आए उसे इंसान कहते हैं, अंबे मईया तेरे चरणों की धूल मिल जाए से संगत को बांधे रखा। इस मौके पर महंत मुरलीधर दास, त्रिभुवन दास, महंत पवन दास, बसी दास, रामदास, विनय दास, जगदीश शर्मा, प्रिंसिपल रमन मैंगी, एमपी शर्मा, नरिंदरपाल शर्मा, विपन वर्मा, राकेश पिंकी, अरुण कालिया, डॉ. इंदुबाला शर्मा, सतीश कुमार बिल्लू, दिनेश मोनू, राजू, सोनू, रिंकू भल्ला, संगीता कालिया, मधुबाला, दीपक कुमार, अंजू भल्ला, सुदेश दत्ता, मुकेश दत्ता, अशोक शर्मा, नीलम जरियाल, शकुंतला, तृप्ता देवी, प्रिं. शादी लाल आनंद, लवली आदि सहित कई गणमान्य लोग भी शामिल थे।

रामकथा के तीसरे दिन मानस माधुरी शशि प्रभा अपने प्रवचनों से संगत को निहाल करते हुए। आरती उतारते हुए भक्तजन।