दुख में यदि चोट खाई होती...
श्रीरामकथा के 7वें दिन सनातन संस्कृति के अनुरूप नव ग्रह पूजन, ज्योति पूजन, श्री रामायण जी की आरती के बाद श्री हनुमान चालीसा और हरे-राम हरे राम राम राम हरे हरे के महामंत्र से समागम की शुरुआत की। इस दौरान बतौर यजमान जरियाल परिवार के राजीव जरियाल, अनिता जरियाल, अजमेर सिंह जरियाल, सुदेश रानी, संतोष रानी, आर्यन शामिल थे। महंत मुरलीधर दास जी की अध्यक्षता में हो रही नौ दिवसीय श्री राम कथा में गद्दी व्यास पर व्यास मानस माधुरी देवी शशि प्रभा के राजीव जरियाल तथा अनिता जरियाल ने तिलक की रस्म अदा की।
देवी शशि प्रभा ने कहा कि नौका रुपी इस शरीर के कर्णधार सद्गुरु है। मानव देह देकर तो परमात्मा ने जीव के उपर अपार कृपा की है अब जीव को स्वयं अपने ऊपर कृपा करनी शेष है। परमात्मा यह नित्य शरीर परमात्मा की प्राप्ति कर सकता है। भगवान ने खुद कहा कि मैंने अनेक तरह के शरीरों का निर्माण किया है लेकिन इन सबमें मुझे मनुष्य शरीर अत्यंत प्रिय है। मनुष्य शरीर सब फलों का रूप है तथा करोड़ों उपायों से भी इसको प्राप्त करना दुर्लभ है। भारत अध्यात्मवादी देश है। भारत भूमि में भगवान के जितने अवतार हुए उतने अन्य किसी देश में नहीं हुए। देवाताओं की भी ऐसी इच्छा होती है कि भगवान कृपा कर उन्हें भारतभूमि पर ही भेजें।
इस दौरान उन्होंने वीर हनुमाना अति बलवाना, दुखों से यदि चोट खाई होती, प्रभु तेरी याद आई होती, राम देखे सिया को और सिया राम को, श्री रामायण जी पर आधारित दोहों और चौपाइयों से संगत को राममय रंग में रंग दिया। इस दौरान उन्होंने विश्वामित्र, राम संवाद, धनुष तोड़ने की कथा तथा रामसीता की झांकी के साथ-साथ वरमाला तथा विवाह के दर्शाये दृश्यों पर संगत नृत्य करने पर बाध्य हो गई। इस मौके पर नरिंदर पाल शर्मा, चंद्र मोहन मिश्रा, अशोक शर्मा, बाबू राम सलारिया, पिंकी, विपिन वर्मा, डॉ. नवीन एंगरिश, प्रिं. रमन मैंगी, रमन कुमार आनंद, रमणीक भल्ला, कांता शर्मा, सुदेश दत्ता. राजिंदर वाली, नीलम वाली, संगीता कालिया, भूषण कुमार, जगदीश कुमार शामिल थे।
कीर्तन दरबार करवाने के लिए बैठकें शुरू
होशियारपुर।शिरोमणि श्री गुरु रविदास सभा की श्री गुरु रविदास मंदिर मोहल्ला रहीमपुर में हुई बैठक में सत्गुरु रविदास महाराज को समर्पित 14वें इंटरनेशनल कीर्तन दरबार को करवाने संबंधी विभिन्न सर्कलों में 27 सितंबर से बैठकें शुरू की जाएंगी