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इंसान को परमात्मा की रजा में ही रहना चाहिए
महंतश्री कौशल किशोर दास गौशाला में महंत 108 मुरलीधर दास जी की अध्यक्षता में चल रही संगीतमय श्रीराम कथा के आठवें दिन पूजा अर्चना के बाद व्यास गद्दी पर सुशोभित मानस माधुरी शशि प्रभा ने भगवान श्रीराम जी की आरती और राम धुन से कथा शुरू की। इस दौरान राम नाम भज ले बंदिया भव सागर तर जाएंगे और रामायण जी की चौपाइयों में मौजूद संगत को ज्ञान से ओत-प्रोत किया। उन्होंने शबरी के बेर की उद्घाटन देते हुए कहा कि भगवान को मन से सच्ची भावना से प्यार और याद करता है, वह एक एक दिन उसे जरूर दर्शन देते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुधन एक दूसरे के लिए समर्पण की भावना थी। इसी भावना पर चलते हुए हमें भी सदाचार, प्रेम व्यवहार, समर्पण के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सभी को परमात्मा की रजा में ही रहना चाहिए। इस मौके पर नरिंदरपाल शर्मा, राजीव कपिला, दीपक कुमार, ललित कुमार, अशोक शर्मा, प्रिंसिपल शादी लाल आनंद, राकेश पिंकी, विपन शर्मा, हनी, सुदेश दत्ता, संगीता कालिया, रिशु कालिया, जगदीश शर्मा, राम गोपाल शर्मा आदि सहित कई लोग भी शामिल थे।
रामकथा में प्रवचन करते मानस शशि प्रभा और संत समाज। मौजूद संगत प्रवचन सुनती हुई। मौजूद संगत प्रवचन सुनती हुई।