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दिल की बीमारियों से बचने के लिए वातावरण शुद्ध हो : सिविल सर्जन

7 वर्ष पहले
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सिविलसर्जन डॉ. सुरजीत सिंह की अध्यक्षता में दिल की बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सिविल अस्पताल में विश्व हार्ट-डे के मौके पर जिला स्तरीय सेमिनार करवाया गया। सिविल अस्पताल एनसीडी विभाग के सहयोग से करवाए गए सेमिनार में सिविल सर्जन ने कहा कि दिल की बीमारियों से बचने के लिए जरूरी है कि अपने आसपास के वातावरण को साफ सूथरा और धुंआ रहित बनाया जाए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपनी खाने-पीने की आदतों में तबदीली कर, शारीरिक क्रियाशीलता को बढ़ा कर और शारीरिक कसरत और दिमागी तनाव को कम कर दिल की बीमारियों से अपने आप को सुरक्षित रख सकता है।

डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. देसराज ने बताया कि दिल के रोगों से बचने के लिए चर्बी या चिकनाई युक्त भोजन का ज्यादा सेवन से परहेज करना चाहिए। दिल ऐसा पंप है जो खून की नाड़ियों में आक्सीजन पहुंचाता है। यदि इन नाड़ियों में चर्बी जमा हो जाए तो नाड़ियों में रुकावट जाती है, जिसके कारण दिल के दौरे पड़ने के खतरे की संभावना बढ़ जाती है। सीनियर मेडिकल अफसर सिविल अस्पताल डॉ सतपाल गोजरा ने बताया कि संसार में कुल होने वाली मौतों में से 80 प्रतिशत मौत दिल की बीमारियों के कारण होती है।

डिप्टी मास मीडिया सुखविंदर कौर ढिल्लों ने बताया कि विश्व हार्ट डे के अधीन दिल की बीमारियों से बचाव के लिए आम लोगों को जागरूक करने के लिए यह दिवस हर वर्ष मनाया जाता है। एनसीडी विभाग के काउंसलर जसविंदर कौर ने दिल की बीमारियों के कारण, इलाज और कंट्रोल और सरकार की ओर से चलाए जा रहे राष्ट्रीय कार्यक्रम फार प्रिवेंशन आफ शूगर, कैंसर, दिल की बीमारियां और अधरंग के बारे में बताया। मौके पर डेंटल विभाग से डॉ. जाखू, जिला बीसीसी फेसीलिटेटर रीना संधू आदि मौजूद थे।

विश्व हार्ट दिवस के मौके पर हुए सेमिनार में दिल की बीमारियों से बचाव के लिए शारीरिक कसरत करने की सलाह दी।