पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • अपनी गाड़ी में रेत, ट्रांसपोर्टेशन फीस माफ

अपनी गाड़ी में रेत, ट्रांसपोर्टेशन फीस माफ

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अमरेन्द्र मिश्रा | होशियारपुर

नोलॉस नो प्रॉफिट योजना में मिलने वाली रेत के लिए ट्रांसपोटेशन की जटिल प्रक्रिया को समझना लोगों के लिए टेढ़ी खीर बना हुआ है। सरकार ने इस योजना के तहत माइनिंग साइट्स पर सभी चार्जों के साथ 800 रुपए प्रति 100 क्यूबिक फीट रेत उपलब्ध करवा रही है। ऐसे में यदि आपके पास रेत ले जाने के लिए अपनी ट्रक या ट्राली है तो आप स्वयं इसका किराया तय कर रेत ले जा सकते हैं।

दूरदराज क्षेत्र से रेत खरीदने के लिए आपको पंजाब मंडी बोर्ड पहुंच पर्ची कटवानी पड़ेगी। मंडी बोर्ड ने शहर से बाहर रेत भेजने के लिए ट्रांसपोर्टेशन पालिसी तय की है।

पंजाब स्टेट इंडस्ट्रियल एक्सपोर्ट कारपोरेशन होशियारपुर के महाप्रबंधक बीएस बराड़ ने बताया कि सरकार ने माइनिंग साइट्स से रेत तयशुदा रेट पर उपलब्ध करवाने का जिम्मा हमें सौंपा है। ट्रांसपोर्टेशन का जिम्मा पंजाब मंडी बोर्ड का है। मंडी बोर्ड की तरफ से इसके लिए माइनिंग साइट्स से 50 किलोमीटर दायरे तक के लिए 40 पैसे प्रति क्विंटल प्रति किलोमीटर और 50 किलोमीटर से दूर के लिए 35 पैसे प्रति क्विंटल प्रति किलोमीटर रेट तय किया हुआ है।

100 क्यूबिक फीट रेत का वजन 40 क्विंटल बनता है। औसतन एक ट्रक में 400 क्यूबिक रेत लोड किया जाता है। इसका वजन 160 क्विंटल बन जाता है। ऐसे में यदि आप होशियारपुर का रेत पचास किलोमीटर दूर जालंधर ले जाना चाहते हैं तो आपको रेत के तयशुदा रेट 3200 रुपए के ऊपर ट्रांसपोर्टेशन फीस के तौर पर 40 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से 200 रुपए रेत के 160 क्विंटल वजन लोड होने के मद में 640 रुपए यानि 3200 रुपए के साथ साथ 840 यानि 4040 रुपए अदा करने पड़ेंगे। इसी तरह यदि आप 400 क्यूबिक फीट रेत होशियारपुर से 50 किलोमीटर के दायरे से बाहर ले जाना चाहेंगे तो इसके लिए 35 पैसे प्रति किलोमीटर प्रति क्विंटल के हिसाब से ट्रांसपोर्टेशन चार्ज अदा करने पड़ेंगे।

राज्य के उद्योग मंत्री मदन मोहन मित्तल ने संपर्क करने पर बताया कि राज्य के 40 माइनिंग साइट्स में 11 को क्लीयरेंस मिल गई है। केंद्र में अब अपनी सरकार है केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भी लोगों को होने वाली मुश्किलों को भलीभांति समझ रहे हैं। हमारी उनके साथ बैठकें हो चुकी है। उम्मीद है कि राज्य के बांकी माइनिंग साइट्स को भी जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी। हमारी योजना है कि रेत के बाद अब लोगों को राहत पह