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इराक से बचे, ट्रेवल एजेंट ने पिटवाया

7 वर्ष पहले
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चारमहीनोंतक इराक में उल्ली वाली रोटी और पानी से पतली मुंगी मसूर की दाल खाकर बचकर लौटे गांव चित्तों के गुरविंदर सिंह, गांव पंडोरी के गुरप्रीत सिंह तथा गांव सरदुल्लापुर के कश्मीर सिंह पर ट्रेवल एजेंट ने हमला करवा दिया। सिविल अस्पताल में दाखिल बीएसएफ के रिटायर्ड डीएसपी केवल सिंह के बेटे गुरविंदर सिंह (32) ने बताया कि बेरोजगारी से तंग आकर वह इराक पहुंचे। गुरविंदर ने बताया गांव लौटने के बाद जब ट्रेवल एजेंट पैसे मांगने गए तो एजेंटों ने उनपर हमला करवा दिया। गुरविंदर की मां हरमीत कौर गांव की पूर्व सरपंच हैं। जबकि वेे 12वीं पास हैं और बेरोजगारी के कारण गांव के ही टै्रवल एजेंटों के झांसे में गया।

इसी प्रकार गांव पंडोरी के गुरप्रीत सिंह पुत्र निर्मल सिंह बेरोजगारी के कारण ही वे एजेंटों के झांसे में गया। गुरप्रीत की मां तरसेम कौर ग्रहिणी हैं। गांव सरदुल्लापुर के कश्मीर सिंह पुत्र जोगिंदर सिंह ने बताया कि वे भी उक्त एजेंटों का शिकार हुआ है उसने एजेंटों ने नर्सरी के काम में भेजा था लेकिन बाद में स्टील कंपनी में काम करवाया। और काम भी 12 घंटे करवाया। गुरविंदर और गुरप्रीत ने बताया अगस्त 2013 को उसने एजेंटों को 10 हजार रूपये तथा पास पोर्ट दिया था। लेकिन दिसंबर 2013 तक एजेंटों ने उसे विदेश नहीं भेजा। जब उसने बात की तो टै्रवेल एजेंटों ने उसे कहा कि वह उसे विदेश इराक में भेज देंगे जहां एक होटल में उसे काम करना पड़ेगा और उसे 400 डॉलर एक महीने के मिलेंगे। लेकिन वे टै्रवेल एजेंटों को बार बार बोल रहा था कि उसने इराक नहीं किसी ओर देश भेज दो। जिसके बाद उसका इराक का वीजा आया तो एजेंटों को एक लाख 60 हजार रूपये ओर दे दिये और वे 17 फरवरी 2014 को इराक चले गए। उसने बताया ये सभी पैसे भी उसने लोन लेकर एजेंट को दिये थे।

गुरविंदर ने बताया 18 फरवरी को वे इराक पहुंचे तो वहां एक एजेंट जीवन था जिसने उनके पासपोर्ट ले लिए। बाद में जो उन्हें अर्बिन के एक होटल में ले गया जिसने एक दिन उसने उनसे काम करवाया और बाद में लांडरी का काम करने के लिए कहा लेकिन वे नहीं माने जिसके बाद एजेंट जीवन ने उनके बैग होटल से बाहर फैंक दिये लेकिन पास पोर्ट नहीं दिये पास पोर्ट वापिस करने के लिए उसने 300 डॉलर मांगे लेकिन उनके पास तो कोई पैसे ही नहीं थे। फिर एक सप्ताह लांडरी का काम किया लेकिन वहां मिस्री लोगों का गु्रप था जो उन्ह