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शुक्र है सौ में से 70 स्टूडेंट्स भगत सिंह को नहीं भूले
शुक्रहैबच्चे भगत सिंह को नहीं भूले। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 70 प्रतिशत बच्चों को पता है कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह कौन थे और क्यों शहीद हुए इसकी पूरी जानकारी है। 40 फीसदी बच्चे तो ऐसे मिले जिनका कहना था कि भगत सिंह के सपनों का भारत पाना अभी बाकी है। शनिवार को भास्कर टीम ने होशियारपुर के कुछ सरकारी स्कूलों का दौरा कर यह जान कि बच्चों को भगत सिंह कितने याद हैं। सरकारी स्कूलों में नौवीं और दसवीं के तीन स्कूलों के करीब 100 बच्चों से शहीदे आजम भगत सिंह के बारे में बात की गई। इसमें करीब 70 बच्चों को शहीद आजम भगत सिंह का पूरा इतिहास पता था। होशियारपुर के सरकारी स्कूल में जब बच्चों पहला सवाल किया गया 28 सितंबर का भारतीय इतिहास में क्या महत्व है तो बच्चों ने एक दम अपने हाथ उठाए और कहा सर कल भगत सिंह जी का जन्मदिन हैं। जब बच्चों से अगला प्रश्न पूछा की उन्हें फांसी की सजा क्यों दी गई तो उन्होंने कहा भगत सिंह ने असेंबली में बम फेंके थे जब बच्चों से सवाल किया गया की भगत सिंह का जन्मस्थान कहां है तो सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल घंटाघर के नौवीं कक्षा के कर्ण ने उत्तर दिया सर बंगा के पास खटखटकलां। सरकारी सैकंडरी स्कूल रेलवे मंडी में दसवीं कक्षा की बच्चियां भी भगत सिंह और उनके बलिदान से पूरी तरह वाकिफ थी।