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रब्ब ने मेरी सुन ली, अपनी जमीन पर हो जाएगा बेटे का संस्कार : प्यारा सिंह
अमरेन्द्र मिश्रा| होशियारपुर
जिंदाबेटे को देखने के लिए तो सभी तड़पते हैं। यह जुदाई भी असहनीय होती है। लेकिन जब मरे बेटे का मुंह देखने के लिए भी तड़पना पड़े तो दर्द कितना भयावह होगा इसे समझना आसान नहीं। यही दर्द झेला है होशियारपुर से पच्चीस किलोमीटर दूर शामचौरासी के गांव तलवंडी अराईयां बुजुर्ग प्यारा सिंह और उनकी प|ी भुपिंदर कौर ने।
सोमवार को जब दैनिक भास्कर ने रणजीत के बुजुर्ग पिता प्यारा सिंह और मां भुपिन्दर कौर को बताया कि 23 सितंबर को दोपहर बाद करीब बारह बजे लीबिया से रणजीत का शव वापस आएगा तो दोनों बिलख पड़े। दोनों के दिलों में भरा यह गुबार महीनों से भरा हुआ था। रोते हुए उन्होंने बताया कि आखिर मेरे जिगर के टुकड़े को अपनी जमीन पर अंतिम संस्कार हो जाएगा। रब ने हमारी फरियाद सुन ही ली।
होशियारपुर के शामचौरासी कस्बे के साथ लगते गांव तलवंडी अराईयां के 26 वर्षीय रणजीत सिंह दो साल पहले ही जालंधर के एजेंट को 1 लाख 5 हजार रुपए देकर लिबिया के लिए रवाना हुआ था। पेशे से कारपेंटर रणजीत को लिबिया के शहर बजाजी के एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में पत्थर तराशने काटने की ड्यूटी पर लगा दिया गया। बताया गया था कि लिबिया में उसे भारतीय करेंसी के अनुसार तीस हजार रुपए प्रति माह मिलेगा पर उसे दिए जाने लगे महज पांच से दस हजार रुपए। विरोध करने पर पिटाई होती थी। गांव में परिजनों ने जमीन गिरवी रखकर उसे लिबिया भेजा था अत: वह मन मारकर वहां काम करता था।
आज लीबिया से आएगी रणजीत की लाश
मौत के दो दिन बाद घर वालों को मिली थी सूचना
तलवंडीअराईयां में अब मौत के शिकार हुए रणजीत के पिता प्यारा सिंह मां भुपिन्दर कौर ने बताया कि लिबिया में पिछले छह माह से विद्रोहियों के हमले लगातार होने से हमारी बातचीत तक बंद हो गई थी। ऐसे में 2 अगस्त को संगरुर के रहने वाले किसी युवक ने हमें लिबिया से फोन पर बताया कि रणजीत की हर्ट अटैक से मौत हो गई है अत: आपलोग शव को यहां से ले जाने की व्यवस्था करो। रणजीत के माता पिता ने रोते हुए बताया कि लिबिया में मेरे बेटे के साथ कोई अनहोनी हुई है जिसे हमसे छिपाया जा रहा है।
रणजीत सिंह
आज होगा अंतिम संस्कार
रणजीतसिंहके पिता प्यारा सिंह मां भुपिन्दर कौर ने बताया कि आज मंगलवार को शव गांव में पहुंचते ही गांव के श्मसानघाट में का अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा।