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मेरा पुत्त युवी भटक गया सी पर हुण रब्ब दी मेहर होई

7 वर्ष पहले
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विशाल भारद्वाज | होशियारपुर

जोइंसानअपने मां पियो दे पैरी हत्थ नहीं लाऊंदा, गुरुद्वारे, मंदिर नहीं जांदा उस इंसान नाल मेरा कोई दुआ सलाम नहीं। इह गल मेरे पूरे परिवार ते वी लागू हुंदी ए। कुछ समय ली मेरा पुत्त युवी भटक गया सी पर हुण रब्ब दी एैसी मेहर होई है कि युवी होटला विच्च पार्टियां नूं छड़ के गुरुद्वारे जांदा है पाठ करता है और गरीबा नूं कंबल और खानवालियां चीजां दीदां हैं। यह बातें पंजाबी फिल्मों के कलाकार योगराज सिंह ने होशियारपुर में विशेषवार्ता में कहीं। योगराज सिंह सोमवार को होशियारपुर में गोरियां नू दफा करो फिल्म की प्रमोशन के लिए आए थे।

योगराज ने बताया कि फिल्म में भी उन्होंने यहीं मैसेज दिया है कि पियो दी पगड़ी तो वद के कुछ नहीं हुंणा और अज्ज दी युवा पीढ़ी नूं बुर्जुगां दी आदर सम्मान करना चाहिए। नाल तुर्ले वाली पग्ग दी इज्जत सब नूं रखनी चाहिदी अते कुड़ियां नूं चाहे कालेज जा स्कूल जांदिया ने अपने सिर ढक के जाना चाहिया हैं।

पद्दी सूरां सिंह के रहने वाले है प्रोड्यूसर

गोरियां नू दफा करो फिल्म के प्रोड्यूसर अमनदीप का पैतृक गांव गढ़शंकर में पद्दी सूरां सिंह में हैं। अमनदीप ने होशियारपुर के सरकारी कालेज से वर्ष 1991 में बीए भाग दो की पढ़ाई की। जिसके बाद वे अपने परिवार के साथ कनेडा चले गए और वहीं बस गए। अमनदीप के पिता हरमिंदर सिंह सैंट्रल कोआपे्रटिव बैंक में कार्यरत थे जबकि मां नगिंदर कौर ग्रहिणी हैं और चार बहनें हैं। अमनदीप ने बताया कि पढ़ाई के बीच में ही पूरा परिवार कनेडा में वैनकावर में शिफ्ट हो गया। उन्होंने बताया तो फिल्मों का कोई तर्जुबा था और परिवारिक मैंबर इस लाईन में था लेकिन कनेडा में युवा पीढ़ी का पंजाबी फिल्मों के प्रति नकारात्मक सोच इस लाईन में ले आई। अमनदीप ने बताया कि कनेडा में म्यूजिक में तो पंजाबी गाने नंबर एक है दूसरे नंबर पर अंग्रेजी और तीसरे नंबर पर हिंदी गाने सुने जाते हैं। लेकिन फिल्मों में पंजाबी फिल्मों में प्रयोग होने वाले शब्द पटवारी, लंबरदार, सरपंच, गरदावर आजकल के यूथ को समझ नहीं आता इसलिए मन में पैशन था कि पंजाबी फिल्म बनाई जाए तो लीग से हट कर हो और पहली फिल्म मिर्जा प्रड्यूस की अब ये दूसरी फिल्म में है जिसकी स्टोरी बाकी फिल्मों से हट कर हैं। पुराना पंजाब दिखाने के लिए राजस्थान के गंगानगर के गांव मौजगढ़ में एक 120 वर्ष पुरानी हवेली में श