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इहने बनाता नहीं कोई कारखाना कशिश गजल के शेयर लहू

7 वर्ष पहले
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जिलालेखक मंच होशियारपुर की तरफ से होटल प्रेजीडेंसी में एक शाम शायरों के नाम प्रोग्राम तहत हिंदी उर्दू और पंजाबी के तीनों भाषा के मुशायरा मंच के कन्वीनर रघवीर सिंह टेरकियाना की तरफ से उर्दू के मशहूर शायर रहिबर ताबानी बाराबंकी का विशेष तौर पर शामिल हुए। समागम की अध्यक्षता वरिंदर शर्मा, रेणु नैय्यर, प्रेम कुमार नजर शामिल हुए। मंच का संचालन एडवोकेट रघवीर सिंह टेरकियाणा ने शायरना अंदाज में साहित्यकार का हुंदा है वखरा ही संसार टेरकियाणा घिरिया रहिंदा से किया। ललित चौबे ने सितम जरीफिये दौरां की खत्त मुहब्बत के, हमारे साहमने रख कर जलाये जाते हैं से किया।

जिसके बाद उर्दू के शायर जनाब कशिश होशियारपुर की उर्दू शायरी इहने बनाता नहीं कोई कारखाना कशिश गजल के शेयर लहू से बनाये जाते हैं से पेश किया। उस्ताद शायर रहिबर तैबानी ने ऐसा रंग बांधा कि हाल में बैठे सभी शायर तालियां बजाने को मजबूर हो गए। प्रो. ओंकार नाथ सेठी ने जहाज में सफर करते हुए लिखी अपनी कविता पेश की। रेणु नैय्यर और वरिंदर शर्मा योगी, तलवाड़ा के डा. अमरजीत अनीश ने तरन्नुम में गीत गाया और समरजीत सम्मी ने दोहे सुनाये। इसके बाद इकविंदर ढट्ट, देव हरियाणवी, जसविंदर महिरम ने जे सतकार चाहुणा तां सतकार करिया कर तूं बंदा तां बंदे वांग ही विवहार करिया कर पेश की। प्रिं. इंद्रजीत, जसवीर धीमान, प्रो. प्रेम कुमार ने अपनी शायरी से वाह वाही लूटी। समागम में एडवोकेट आरएस शेरगिल, एडवोकेट पीएस पलव, हरदयाल सिंह, गुरदेव सिंह, धर्मपाल कालड़ा भी मौजूद थे।

मंच का संचालन करते हुए शायर रघवीर सिंह टेरकियाना। जिला लेख मंच की ओर से करवाए एक शाम शायरों के नाम कार्यक्रम में मौजूद नामी शायर।