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मेले के अंतिम दिन सभ्याचारक कार्यक्रम में पंजाबी गायकों ने गीतों से जीता संगत का दिल

7 वर्ष पहले
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बाबा शामी शाह के दरबार में िचराग, िजसमें 80 लीटर तेल आता है, में तेल डालते हुई संगत।

मेले में माशा अली गीत पेश करते हुए।

बाबा शामी शाह में संगीत सम्मेलन के अंतिम िदन पूर्व मंत्री संतोष चौधरी को सम्मानित करते प्रबंधक सेवादार।

भास्कर न्यूज | होशियारपुर

कस्बाशाम चौरासी में दरबार बाबा शामीशाह जी के दरबार में करवाए गए चार दिवसीय संगीत सम्मेलन के अंतिम दिन सभ्याचारक कार्यक्रम में पंजाबी गायकों ने अपनी गायकी से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रबंधक कमेटी के सहयोग से करवाए गए चार दिवसीय संगीत सम्मेलन के अंतिम दिन पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष चौधरी और पूर्व विधायक चौधरी रामलुभाया बतौर मुख्य मेहमान शामिल थे। मेले के अंतिम दिन बाबा शामी शाह के दरबार को रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया, जिसकी शोभा देखते ही बनती थी।

पंजाबी गायक माशा अली ने सौ-सौ सलाम साईयां तेरी उच्ची शान नू, मैंणू कस्म खुवा के की पुछ दी मैं तूणे कुछ वी झूठ नहीं कह सकदा से दर्शकों का मनोरंजन किया। माशा अली की परफॉमरेंस से प्रबंधक सेवादार इतने प्रभावित हुए की उन्होंने स्टेज पर आकर नोटों की बारिश कर दी। इसके बाद माशा अली ने वंगा चढ़ा लो कुड़ियों शामी शाह दरबार दिया से सब को नाचने पर मजबूर कर दिया। नवांशहर के गायक जोड़ी बलराज और नीलम ने देख के सवेरे खाली होए बटुये वांग से दर्शकों का मनोरंजन किया। दरबार के प्रधान बाबा पिृथी सिंह बाली संगत को आशीर्वाद दिया। संतोष चौधरी ने कहा कि आज हमें पीर पैंगबरों के दिखाए सच्चाई के रास्ते पर चलना चाहिए। इस अवसर पर गोबिंद सिंह, महंगा राम अरोड़ा, राम प्रकाश पासी, मंगत राए गुप्ता, प्रकाश संघवाल, त्रिलोचन सिंह लोची, मोहन लाल बडला, नसीब परमजीत, जसपाल, बीबी कृष्णा, लाल चंद विरदी, बलविंदर सोहल, बलवीर चंद बीरा, गुलजार सिंह, सुखचैन सिंह, हरप्रीत हैप्पी, जसविंदर कुमार, आत्मा राम, काका, राज, और सुरजीत कौर आदि मौजूद थे।

बाबा शामीशाह के दरगाह पर अंितम िदन चीरागों में तेल डालते हुए श्रद्ध‌ालु।

नवांशहर के गायक िमस नीलम और बलराज देख के सवेेरे खाली होये बटुऐ नूं गीत गाते हुए।

वंगां चढ़ा लो कुड़ियों शामी शाह दरबार दियां...