नाराज मुलाजिमों ने फूंकी सरकार की अर्थी
पंजाबऔरयूटी मुलाजिम संघर्ष कमेटी ने रैली निकालकर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मुलाजिमों का कहना था कि कई बार मांग रखने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है। सोमवार को पंजाब मुलाजिम संघर्ष कमेटी की तरफ से मिनी सचिवालय में जिला स्तरीय अर्थी फूंक प्रदर्शन किया गया।
मुलाजिम संघर्ष कमेटी के प्रधान सतीस राणा, जिला कन्वीनर शिव कुमार और मक्खन सिंह की अगुवाई में की गई रैली में विभिन्न वक्ताओं ने संबोधित करते कहा सरकार से मांग की कि मुख्यमंत्री प्रमुख सचिव, वित्त सचिव के साथ जत्थेबंदी की हुई बैठक दौरान किए फैसलों को लागू किया जो, जुलाई की डीए की किस्त नगद दी जाए, कंट्रीब्यूटरी पैंशन स्कीम रद्द की जाए, बोर्ड कार्पोरेशन के मुलाजिमों पर भी तीसरे लाभ में मिली पेंशन लागू की जाए, कच्चे दिहाड़ीदार, ठेके मान भत्ते पर रखे मुलाजिमों को पक्का किया जाए, खाली आसामियों को पक्के तौर पर भरा जाए, महंगाई को रोका जाए। इस मौके पर मिनी सचिवालय के गेट समक्ष पंजाब सरकार की अर्थी फूंकी गई। इस मौके पर इंदरजीत विर्दी, शेर जंग बहादुर, मंजीत सिंह सैनी, राजिंदर कुमार, अमरजीत सिंह, सुच्चा सिंह, परमिंदर सिंह, राकेश कुमार, विकास शर्मा, शिंगारा राम, अजीब दिद्वेदी, सुरिंदर शिंदा शामिल थे।
उधर, मिड-डे-मील कार्यालय कर्मचारी और कुक यूनियन की बैठक रेलवे मंडी स्कूल में हुई। बैठक में जालंधर से सहायक ब्लाक मैनेजर राकेश कुमार, नवांशहर से मुकेश कुमार, माहिलपुर से गौरव, होशियारपुर से ममता सूद लेखाकार हिमांशु विशेष तौर पर उपस्थित हुए। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि मिड डे मील कार्यालय कर्मचारी कुक यूनियन अपनी मांगों को लेकर 3 दिसम्बर से कलम छोड़ हड़ताल पर हंै, लेकिन दुख की बात है कि इसके बावजूद किसी भी अधिकारी ने उनकी मांगों की तरफ ध्यान देने की जरूरत नहीं समझी। उन्होंने कहा कि महंगाई के दौर में उन्हें ना मात्र वेतन ही दिया जा रहा है। जबकि उसने वादा किया गया था कि उन्हें सर्व शिक्षा अभियान के कार्यालय कर्मियों की तरह रैगुलर पे स्केल दिया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने कुकों को भी 10 हजार रुपये प्रति माह वेतन देने की मांग की। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर वह 13 दिसंबर को लुधियाना में प्रदेश स्तरीय रैली करेंगे अगर तब भी सरकार ने कोई सकारात्मक निर्णय लिया तो वह संघर्ष ओर तेज कर देंगे। उन्होंने कहा कि विभाग उनके संघर्ष