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कम मेहनत में ज्यादा लाभ कमाएं, किसान सहायक धंधे अपनाएं : सूद

7 वर्ष पहले
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किसानकृषि के साथ-साथ सहायक धंधे अपनाएं, जिससे उन्हें कम मेहनत में अधिक लाभ हो सके। किसान डेयरी फार्म, मुर्गी पालन, मस्त पालन जैसे सहायक धंधे अपना सकते हैं। इन धंधों के फलीभूत करने में सरकार समय-समय पर कई योजनाएं चलाती हैं और इन धंधों को लिए सरकार सब्सिडी भी देती है। यह बात जिला स्तरीय पशु धन और दूध दोहन के दो दिवसीय मुकाबले के अंतिम दिन पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री मुख्य मंत्री के राजनीतिक सलाहकार तीक्ष्ण सूद ने कही।

तीक्ष्ण सूद ने पशु पालन विभाग के कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि समय-समय पर ऐसे मेले करवाने से पशु पालकों को काफी जानकारी मिलती है और जानकारी से पशुओं की नस्लों में सुधार होता है। इस मेले में अलग-अलग तरह की 50 श्रेणियों में कोई 1280 एंट्रियां थीं, जिसमें अलग-अलग मुकाबलों में विजेता रहने वाले पशु पालकों को 5.50 लाख रुपए की नकद इनाम दिए गए। मेले के प्रबंधक डिप्टी डायरेक्टर पशु पालन विभाग डॉ. गुरजीत सिंह मुलतानी ने मुख्य मेहमान का स्वागत किया। मौके पर वरिष्ठ वेटनरी अधिकारी डॉ. नरेश कुमार जसवाल, डॉ. हरजीत सिंह, डॉ. हरमेश कुमार, डॉ. सुरजीत सिंह मल्ल, वेटनरी इंस्पेक्टर मुखतियार सिंह धालीवाल, वरिंदर सिंह परहार, गुरमीत सिंह बैंस, ओंकार सिंह, डॉ. राजीव बाली, सरपंच शेरगढ़ नरिंदर कौर, एसडीएम आनंद सागर, जिला अध्यक्ष शिव सूद, प्रमोद सूद, राम देव यादव, बाबा राम मूर्ति, यशपाल शर्मा, विजय पठानिया मौजूद रहे।

विक्रमपरिहार की गाय ने 44.63 किलो दूध दिया

विक्रमसिंह परिहार की एचएफ क्रास गाय 44.63 किलो दूध देकर पहले स्थान पर रही। गुरमेल सिंह पुत्र मंजीत सिंह निवासी पथरालियां की भैंस 18.670 किलो दूध देकर पहले स्थान पर रही। लखबीर सिंह रविदास नगर की नीली रावी भैंस 9.240 किलो दूध देकर पहले स्थान पर रही। इसी प्रकार सुखबीर सिंह गांव बजरावर की जर्सी गाय 15.736 किलो दूध देकर पहले स्थान पर रही। जसवंत सिंह हुसैनपुर लालूवाल की बकरी 3 किलो दूध देकर पहले स्थान पर रही। बलवीर सिंह गांव बोड़ा की माहीवाल भैंस 9.60 किलो दूध देकर पहले स्थान पर रही।

बलदेवसिंह मोरांवाली की बछड़ी फर्स्ट

बलदेवसिंह मोरांवाली की बछड़ी पहले स्थान पर रही। मंजीत सिंह नंदाचौर का बछेरा नुकरा दो जोड़े दूध के दांत के साथ पहले स्थान पर रहा। योगी काली नाथ ऐमा जट्टां मारवा