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हमें तो अपनों ने लूटा गैरों में कहां दम था : बाजवा ग्रुप

6 वर्ष पहले
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परमिंदर सिंह बरियाणा | होशियारपुर

नगरनिगमचुनावों में बाजवा ग्रुप के आगू अपने आप को लुटा हुआ महसूस कर रहे हैं, क्योंकि उनकी बाजू उनके ही सरपरस्त प्रताप सिंह बाजवा नहीं पकड़ सके और यह पूरा ग्रुप अपनों को टिकट दिलवाने में काफी पछड़ गए हैं। अरोड़ा की गुगली ने इनकी विकटें बुरी तरह से उखाड़ी हैं लेकिन बाजवा गुट के बगैर मैच जीतना बड़ा कठिन होगा। कांग्रेस में टिकटों के बंटवारे को लेकर अभी भी बाजपा ग्रुप के साथ पेच फंसा हुआ है।

कल बाजपा खेमे से यह आवाज आई थी कि जो टिकटें अनाउंस की गई हैं उनमे फेरबदल की संभावना थी लेकिन आज पूरा दिन बीत जाने पर भी पेच पूरी तरह फंसा हुआ है जहां तक कि जिले के प्रभारी हरमिंदर सिंह गिल को होशियारपुर आना पड़ा, वह कुछ लोगों से मिले भी पर किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके।

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार ठाकुर नरेश, डॉ. कुलदीप नंदा, अमरपाल काका, रजनीश टंडन अपने कुछ लोगों को टिकट दिलवाने के लिए चंडीगढ़ बाजवा के साथ संर्पक में थे।

अरोड़ाके फूंके पुतले : टिकटोंके बंटवारे को लेकर शहर में सुंदर शाम अरोड़ा का विरोध भी होने लगा है। आज कमालपुर में आकाश शर्मा गोल्डी ने अरोड़ा पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उसका पुतला फूंका अरोड़ा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

सबसे पुराना कांग्रेसी परिवार पर टिकट नहीं

डॉ.अजय मल्ल ने भी अरोड़ा के खिलाफ काफी भड़ास निकाली है। उनका तर्क है कि उसके दादा चौधरी मेहर सिंह गुलाम भारत में होशियारपुर से पहले कांग्रेसी विधायक चुने गए थे, जोकि बाद में कैबिनेट मंत्री भी रहे। डॉ. मल्ल ने कहा कि वह पिछले 20 साल से कांग्रेस के तमाम पदों पर नियुक्त रहे हैं और उनकी प|ी मीना मल्ल भी यूथ कांग्रेस में पिछले कई सालों से इलेक्टेड डेलीगेट थीं। डॉ. मल्ल का आरोप है कि अरोड़ा ने उसको टिकट दी है जिसको कांग्रेस दफ्तर का रास्ता तक नहीं पता।